प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ व अन्तिम 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर की एक ही पाषाण पर यह संभवतः विश्व की एकमात्र प्रतिमा है जो यह संदेश देती है कि दोनों में जन्मों पुराना एक रिश्ता था। जी हां, प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ जी की गृहस्थ अवस्था के पोते थे मारीचि तो अनेक भव बाद 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी बने।
1000 साल पुरानी ‘मोक्ष यात्रा’ पगडंडी
8 जून 2026 / जयेष्ठ कृष्ण अष्टमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/
जामगढ़ के जंगलों में मिले 800 मीटर तक हजार वर्ष प्राचीन जैन...



















