प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ व अन्तिम 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर की एक ही पाषाण पर यह संभवतः विश्व की एकमात्र प्रतिमा है जो यह संदेश देती है कि दोनों में जन्मों पुराना एक रिश्ता था। जी हां, प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ जी की गृहस्थ अवस्था के पोते थे मारीचि तो अनेक भव बाद 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी बने।
27 वर्षों में दिगंबर संतों की कैसे घटी-बढ़ी संख्या ॰ गत...
12 अक्टूबर 2026 / अश्विन शुक्ल द्वितीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
॰ 27 वर्षों की लगातार वर्ष दर वर्ष गणना केवल सान्ध्य...



















