प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ व अन्तिम 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर की एक ही पाषाण पर यह संभवतः विश्व की एकमात्र प्रतिमा है जो यह संदेश देती है कि दोनों में जन्मों पुराना एक रिश्ता था। जी हां, प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ जी की गृहस्थ अवस्था के पोते थे मारीचि तो अनेक भव बाद 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी बने।
6 माह में सम्मेदशिखर की पूरी रंगत बदली हुई दिखेगी –...
22 अगस्त 2026 /श्रावण शुक्ल दशमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
॰ तीर्थक्षेत्र कमेटी टीम को आशीर्वाद व दी...



















