प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ व अन्तिम 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर की एक ही पाषाण पर यह संभवतः विश्व की एकमात्र प्रतिमा है जो यह संदेश देती है कि दोनों में जन्मों पुराना एक रिश्ता था। जी हां, प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ जी की गृहस्थ अवस्था के पोते थे मारीचि तो अनेक भव बाद 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी बने।
आगरा में तीर्थ सुरक्षा संकल्प दिवस : 2030 तक संतों की...
21 जुलाई 2026 /आषाढ़ शुक्ल अष्टमी/चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
संतों के सहयोग से तीर्थों की सुरक्षा का होगा जन-जागरण -सुरत्न...



















