अंतरिक्ष पार्श्वनाथ शिरपुर में फिर झगड़ा मारपीट ॰ भाई-भाई क्यों नहीं रहते सौहार्द से

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॰ नियम और अदालत आदेश को गरिमा से माने
॰ अंतरिक्ष पार्श्वनाथ पर बांटा था केवल दर्शन का समय, तो अन्य 15 दिगंबर वेदियों पर दावें क्यों?
13 अप्रैल 2026 /बैसाख कृष्ण एकादशी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/

एक बार फिर शिरपुर (महाराष्ट्र) के अंतरिक्ष पार्श्वनाथ तीर्थक्षेत्र झगड़े की घटनाओं से फिर चर्चा में आ गया है। अंतरिक्ष पार्श्वनाथ, जिस पर 1905 की दर्शन समय-सारिणी को सुप्रीम कोर्ट ने भी अंतरिम आदेशानुसार माना जा रहा है, पर अन्य 15 दिगंबर वेदियों पर समय बांटने की एक वर्ग की कोशिशों से बार-बार झगड़े, मारपीट, शिकायत, थानों के चक्कर शुरू हो जाते हैं।

श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ दिगंबर जैन संस्थान सचिव अशोक महाजन द्वारा 29 मार्च को इस घटना पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतानुसार सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच दिगंबर पुजारी महेश शिखर चंद जैन जिनालय के गर्भगृह में पूजा कर रहे थे, तब आरोपी 70 वर्षीय विनायक राव ने दावा किया कि टाइम टेबल के अनुसार अब उनकी (श्वेतांबर पक्ष) पूजा का समय शुरू हो गया है। शिकायत में लिखा है कि आरोपियों ने पुजारी के साथ धक्का-मुक्की की, उन्हें जिनालय से बाहर निकालने की कोशिश की और उनके साथ गाली-गलौज की। इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने और पुजारी को शारीरिक चोट लगने की बात कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाही, गिरफ्तारी और पुजारी की मेडिकल जांच की मांग की गई है।

इस बारे में महेश पुजारी ने चैनल महालक्ष्मी को बताया कि वे लोग अदालत के आदेश की अवमानना कर रहे हैं। अदालत ने अंतरिक्ष पार्श्वनाथ प्रतिमा पर ही 1905 की सारणी अनुसार दर्शन करने को कहा है, पर श्वेताम्बर सम्प्रदाय शेष सभी 15 दिगंबर वेदियों को भी उसी टाइम टेबल से बांटना चाहता है, जिन पर पूरे समय दिगंबर मान्यता द्वारा पूजा करने का अधिकार है, पर अब जबरन सभी वेदियों पर बराबर अधिकार जता रहे हैं।

यही नहीं फिर आकाश महाजन ने 03 अप्रैल को थाने में एक और शिकायत दर्ज कराई कि 02 अप्रैल को वाशिम से कुछ दिगंबर जैन श्रद्धालु दर्शन के लिए आये थे, तब आरोपी शिरपुर निवासी धनंजय देशमुख ने पार्किंग की जगह में उनकी गाड़ी रोक दी और उनके साथ गाली-गलौच की। शिकायत में आरोप लगाया कि वह व्यक्ति नशे की हालत में था और उसने श्रद्धालुओं के लिए मंदिर जाने का रास्ता बंद कर दिया था। यह भी लिखा कि इस व्यक्ति पर पहले से प्रतिबंधात्मक आदेश होने के बावजूद मंदिर परिसर में घूमता रहता है।

स्पष्ट है कि शिरपुर के इस प्राचीन जिनालय में जैनों के दोनों सम्प्रदायों के बीच पूजा के समय और प्रबंधन को लेकर लगातार तनाव चल रहा है। शिकायतों में स्थानीय व्यक्तियों द्वारा मंदिर के पुजारी और आने वाले तीर्थयात्रियों को परेशान करने, मारपीट करने और रास्ते रोकने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।

इस बारे में एक रिपोर्ट चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3682 में देख सकते हैं।

चैनल महालक्ष्मी चिंतन : एक तरफ जैन समाज में एकता की कोशिशें हो रही हैं, दूसरी तरफ कई जिनालयों पर अधिकारों की लड़ाई चल रही है। चैनल महालक्ष्मी टीम ने स्वयं शिरपुर में देखा है कि 1905 ईं. का एक बोर्ड समय सारिणी का लगा है, साथ ही एक बोर्ड जो मिटने लगा है, उस पर स्पष्ट लिखा है कि यह समय सारिणी केवल अंतरिक्ष पार्श्वनाथ वेदी के लिए है। शेष सभी वेदियों पर लिखा भी है कि अमुक नं. दिगंबर वेदी है। अब उन पर कब्जाने, पुजारी-श्रद्धालुओं का धमकाना, किसी भी प्रकार से सही नहीं कहा जा सकता, बल्कि ऐसे कृत्यों का सामूहिक रूप से विरोध होना चाहिए।