मंगसिर शुक्ल दशमी, जो इस वर्ष 24 दिसंबर को है, इसी दिन 18वे तीर्थंकर श्री अरह नाथ जी को, शरद ऋतु के बादलों को नष्ट होता देख, वैराग्य की भावना बलवती हो गई और 30 धनुष कद वाले ,आपने अपनी जन्मस्थली हस्तिनापुर के सहेतुक वन की और अपनी वैजयंती पालकी बढ़ाने का आदेश दिया । और आम्र वृक्ष के नीचे , अपराहन काल में पंच मुष्टि केश लोंच कर 1000 राजाओं के साथ दीक्षा ले ली । 16 वर्ष का तप करके आपको केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई।
27 वर्षों में दिगंबर संतों की कैसे घटी-बढ़ी संख्या ॰ गत...
12 अक्टूबर 2026 / अश्विन शुक्ल द्वितीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
॰ 27 वर्षों की लगातार वर्ष दर वर्ष गणना केवल सान्ध्य...



















