22 अगस्त 2026 /श्रावण शुक्ल दशमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
मोक्ष सप्तमी की तैयारियों में 18 अगस्त को प्रात: 8.30 बजे फिरोजाबाद के पीडीजैन इंटर कालेज परिसर के रत्नत्रय श्री शीतलनाथ दिगंबर जिनालय में जहां दो साधुओं का अलग-अलग वर्षायोग हो रहा है, दोनों अलग-अलग पंथ के साधु होने के कारण वहां के लोगों का मानना है कि ऐसा कोई महीना नहीं जाता, जिसमें पुलिस यहां नहीं आती हो और आज समाज में बढ़ते पंथवाद से जो बुरा हश्र हो सकता है, उसे यहां स्पष्ट देखा जा सकता है।


मिली जानकारी के अनुसार उस दिन सुबह बैनर लगाये जा रहे थे, तभी वहां मुनिश्री एकत्व सागरजी ने अपने कमरे के पास दूसरे महाराज के फ्लैक्स लगाने पर कड़ा ऐतराज जताया और सीसीटीवी फुटेज में दर्ज दृश्यों से पता चलता है कि उन्होंने बैनरों को फाड़ा भी। इस बारे में चैनल महालक्ष्मी ने वहां के युवा अध्यक्ष अनुज जैन जी से भी बात की, जिन्होंने उस घटना की एफआईआर भी कराई, जो 19 अगस्त को सायं 7 बजे दर्ज हुई। उस अनुसार बीएनएस की 191(2) व 115(2) में दर्ज प्रथम सचना तथ्य के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उबरई फिरोजाबाद को अनुज जैन ने अध्यक्ष होने के नाते रिपोर्ट में कहा कि रत्नत्रय नसिया जी में दो साधुओं का विवाद चल रहा है, जिसमें एक साधु एकत्व सागरजी के साथ काफी बुरी तरह से मारपीट की गई, जिसमें मारपीट के लिए मोहित जैन, मुकेश जैन, इन्दु जैन के साथ 8-10 अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है।
अफसोस इस बात का है कि समाचार लिखे जाने तक इस पर कोई उचित कार्यवाही नहीं हुई है। जहां यह घटना अत्यंत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है, वहीं पूरे प्रकरण पर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही न होना समाज व प्रशासन के ढुलमुल रवैये का स्पष्ट झलकाता है। यह यहां पहली बार नहीं हुआ, कई बार पहले भी हो चुका है, और सब घटनाक्रमों को यूं ही देखती रहती समाज क्या इतनी कमजोर और लाचार है कि सही-गलत का फैसला भी नहीं कर पा रही है। अगर ऐसा ही ढुलमुल रवैया रहा, तो फिरोजाबाद क्या, पूरे देश में हमारे पूजनीय संत कैसे सुरक्षित रह पाएंगे?
इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3813 व 3818 में देख सकते हैं।
















