मंगसिर शुक्ल एकादशी को ही , जो 25 दिसंबर को है 21 वे तीर्थंकर श्री नमिनाथजी को, 9 माह के तप के बाद, वकुल वृक्ष के नीचे, केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई। आपका केवली काल 2491 वर्ष का था, यानी एक ही दिन में 2 तीर्थंकर के तीन कल्याणक हुए ।
बोलिए श्री नमिनाथ तीर्थंकर जी की जय।
6 माह में सम्मेदशिखर की पूरी रंगत बदली हुई दिखेगी –...
22 अगस्त 2026 /श्रावण शुक्ल दशमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
॰ तीर्थक्षेत्र कमेटी टीम को आशीर्वाद व दी...



















