मंगसिर शुक्ल एकादशी को ही , जो 25 दिसंबर को है 21 वे तीर्थंकर श्री नमिनाथजी को, 9 माह के तप के बाद, वकुल वृक्ष के नीचे, केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई। आपका केवली काल 2491 वर्ष का था, यानी एक ही दिन में 2 तीर्थंकर के तीन कल्याणक हुए ।
बोलिए श्री नमिनाथ तीर्थंकर जी की जय।
27 वर्षों में दिगंबर संतों की कैसे घटी-बढ़ी संख्या ॰ गत...
12 अक्टूबर 2026 / अश्विन शुक्ल द्वितीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
॰ 27 वर्षों की लगातार वर्ष दर वर्ष गणना केवल सान्ध्य...



















