शहनाइयों की गूंज मातम में बदली: इंदौर में ‘डिजिटल मौत’ का तांडव, एक ही घर के 8 चिराग बुझे

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18 मार्च 2026 / चैत्र कृष्ण अमावस /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
EV चार्जिंग और ‘स्मार्ट लॉक’ बना काल,
इंदौर का ‘ब्लैक वेडनेसडे’: आग की लपटों में खाक हुईं खुशियाँ
आधुनिक तकनीक या मौत का जाल?
जब बेबस कर गए ‘स्मार्ट’ दरवाजे और धधक उठी EV कार

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स कॉलोनी में 18 मार्च, 2026 की सुबह सुबह करीब 4:00 बजे एक भयावह अग्निकांड में 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। यह घर सादुलपुर (राजस्थान) के मूल निवासी और प्रसिद्ध पॉलिमर व्यवसायी मनोज पुगलिया का था।

:हादसा उस समय हुआ जब घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्ज किया जा रहा था। चार्जिंग पॉइंट में अचानक हुए शॉर्ट सर्किट से एक जोरदार धमाका हुआ और कार में भीषण आग लग गई। यह आग तेजी से घर की ऊपरी मंजिलों तक फैली, जहाँ शादी के लिए आए मेहमान सो रहे थे। घर में भारी मात्रा में रखे 10 एलपीजी सिलेंडर आग की चपेट में आने से एक के बाद एक धमाकों के साथ फट गए, जिससे पूरा घर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

इलेक्ट्रॉनिक लॉक बना ‘मौत का जाल’: घटना के समय घर की बिजली गुल हो गई, जिसके कारण मुख्य द्वार पर लगे ऑटोमैटिक/इलेक्ट्रॉनिक ताले जाम हो गए। जहरीले धुएं और भड़कती लपटों के बीच फंसे परिजनों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। मृतकों में मनोज पुगलिया (62), उनकी नई नवेली बहू सिमरन पुगलिया (30), और उनके ससुराल पक्ष (सेठिया परिवार) के विजय सेठिया, सुमन सेठिया, छोटू सेठिया व अन्य शामिल हैं। मात्र 10-12 दिन पहले हुए बेटे सौरभ के विवाह की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।

तेरापंथ समाज और संपूर्ण जैन समाज इस अपूरणीय क्षति से गहरे शोक में है। प्रशासन ने अब रिहायशी इलाकों में ईवी चार्जिंग के लिए नए कड़े नियम बनाने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3659 में देख सकते हैं।

चैनल महालक्ष्मी चिंतन : भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा सुझाव
इस हृदय विदारक हादसे से सबक लेते हुए हमें अपनी जीवनशैली में निम्नलिखित बदलाव करने चाहिए:
इलेक्ट्रॉनिक लॉक्स का मैनुअल बैकअप: यदि आप घर में डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगा रहे हैं, तो हमेशा एक मैनुअल ओवरराइड (चाबी वाला विकल्प) चालू रखें। यह सुनिश्चित करें कि बिजली कटने पर भी दरवाजा हाथ से खोला जा सके।
EV चार्जिंग सुरक्षा: कार को कभी भी घर के ‘एग्जिट पॉइंट’ या मुख्य द्वार के पास चार्ज न करें। चार्जिंग के लिए अलग से हैवी-ड्यूटी वायरिंग, डेडिकेटेड MCB और आग बुझाने वाला यंत्र पास में रखें।
LPG सिलेंडर का भंडारण: रिहायशी घरों में एक या दो से अधिक भरे हुए सिलेंडर रखना न केवल गैर-कानूनी है बल्कि जानलेवा भी है। सिलेंडरों को हमेशा हवादार स्थान पर रखें।
स्मोक डिटेक्टर और अलार्म: घर की प्रत्येक मंजिल पर स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म जरूर लगवाएं, ताकि धुएं की आहट होते ही गहरी नींद में सो रहे लोगों को चेतावनी मिल सके।
इमरजेंसी एग्जिट: खिड़कियों पर लगी लोहे की जालियों का एक हिस्सा ‘कोलैप्सिबल’ (खुलने वाला) रखें, ताकि आग लगने की स्थिति में वहां से बाहर निकलना संभव हो सके।