Facebook Instagram Linkedin Twitter Youtube
  • जैन JAIN
  • राष्ट्रीय समाचार
  • प्रवचन PRAVACHAN
  • विरासत HERITAGE
  • पर्व FESTIVAL
  • तीर्थ TEERTH
  • संत SAINT
    • आचार्य श्री कुंद कुंद
    • आचार्य श्री विद्यानंद
    • आचार्य श्री विद्यासागर
    • आचार्य श्री शांति सागर
  • चिंतन THOUGHT
  • जानिये KNOW
  • तीर्थंकर/Teerthankar
    • श्री ऋषभ नाथ जी
    • श्री चन्द्रप्रभ जी
    • श्री नेमिनाथ जी
    • श्री पद्मप्रभ जी
    • श्री पार्श्वनाथ जी
    • श्री महावीर स्वामी जी
    • श्री वासुपूज्य नाथ जी
    • श्री शांति नाथ जी
  • फोटो/ वीडियो PHOTO/VIDEO
  • सामाजिक SOCIAL
  • राजनीतिक POLITICAL
  • रोचक INTERESTING
  • लाइव LIVE
  • प्रेरक कहानी /कविता
  • विज्ञापन रेट/ Add. Rate
  • हमारे बारे में ABOUT US
  • E-paper
    • E-Paper Sandhyamahalaxmi
    • E-Paper Dainik Mahalaxmi
Search
Saturday, June 20, 2026
Facebook Instagram Linkedin Twitter Youtube
Sign in
Welcome! Log into your account
Forgot your password? Get help
Password recovery
Recover your password
A password will be e-mailed to you.
Channel Mahalaxmi
  • जैन JAIN
    • 1000 साल पुरानी ‘मोक्ष यात्रा’ पगडंडी

      2 आर्यिका माताओं पर क्रूरता: समाज के भारी आक्रोश और NHRC…

      अहिंसा की खामोश चीख: 100 से अधिक शहरों में जैन समाज…

      पिसनहारी मढ़िया जैन धर्मशाला – चाकू दिखाकर छेड़छाड़-लूटपाट का प्रयास

      निर्णय भोजशाला : जैनों को हिंदू बना डाला! ॰ जैन धर्म…

  • राष्ट्रीय समाचार
    • जैन इतिहास का सबसे दर्दनाक हादसा! मुआवज़ा देने में भी जैनों…

      मोदी जी! दस सालों में बदल गये: शाकाहारी झंडा उठाने…

      शाकाहार अहिंसा का शंखनाद करने वाले जैन समाज ही नहीं, …

      विदेश से युवा दंपत्ति की गुहार ,जैन बिटिया को छोड़ दो…

      राष्ट्रीय ध्वज में मौजूद धर्म चक्र में 24 तीलियां बनी हुई…

  • प्रवचन PRAVACHAN
  • विरासत HERITAGE
  • पर्व FESTIVAL
  • तीर्थ TEERTH
  • संत SAINT
    • आचार्य श्री कुंद कुंद
    • आचार्य श्री विद्यानंद
    • आचार्य श्री विद्यासागर
    • आचार्य श्री शांति सागर
  • चिंतन THOUGHT
  • जानिये KNOW
  • तीर्थंकर/Teerthankar
    • श्री ऋषभ नाथ जी
    • श्री चन्द्रप्रभ जी
    • श्री नेमिनाथ जी
    • श्री पद्मप्रभ जी
    • श्री पार्श्वनाथ जी
    • श्री महावीर स्वामी जी
    • श्री वासुपूज्य नाथ जी
    • श्री शांति नाथ जी
  • फोटो/ वीडियो PHOTO/VIDEO
  • सामाजिक SOCIAL
  • राजनीतिक POLITICAL
  • रोचक INTERESTING
  • लाइव LIVE
  • प्रेरक कहानी /कविता
  • विज्ञापन रेट/ Add. Rate
  • हमारे बारे में ABOUT US
  • E-paper
    • E-Paper Sandhyamahalaxmi
    • E-Paper Dainik Mahalaxmi
Home सामाजिक SOCIAL होलिका दहन मनाना या इनकी अनुमोदना करना महापाप बंध का कारण है...
  • सामाजिक SOCIAL

होलिका दहन मनाना या इनकी अनुमोदना करना महापाप बंध का कारण है , वहीँ वास्तव में असली होली तो जैन दिंगबर मुनिराजों ने ही मनाई

By
Channel Mahalaxmi
-
March 8, 2023
0
1828
Facebook
Twitter
Pinterest
WhatsApp

    8 मार्च 2023/ चैत्र कृष्ण एकम/चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/
    कुछ जैन लोगों को सुनकर थोड़ा सा अजीब भी लग रहा होगा कि ये क्या बात हुई, जबकि यही सत्य है कि होली का जैन धर्म में कोई महत्व नहीं है उल्टा ऐसे कार्यों की अनुमोदना करना महान पाप बंध का कारण है। जैन ग्रंथ “ज्ञानानंद श्रावकाचार” में इसके बारे में विस्तार से जाना जा सकता है।

    • प्रतीक के रुप में लकड़ी, गोबर के कंडों आदि में आग लगाना या इस कार्य को देखकर खुश होना ( अनुमोदना करना) संकल्पी हिंसा है
    • अनंत स्थावर छोटे छोटे जीव और बहुत सारे त्रस जीव मरण को प्राप्त हो जाते हैं , और एक जैन कैसे अनंतों जीवों के मरण को देखकर खुश हो सकता है ?
    • जैन श्रावक छने हुए जल का भी बहुत सीमित प्रयोग करता है ताकि अधिक से अधिक जीवों की रक्षा की जा सके, बिना प्रयोजन जल बहाना अनर्थदण्ड है अपराध है । इसीलिए हमें ऐसे अनावश्यक पाप बढ़ाने वाली क्रियाओं से बचना चाहिए
    • रंगों के प्रयोग से न जाने कितने नए नए रोग पनप रहे हैं शरीर में भयंकर बीमारियां हो रही हैं । शरीर को अनिष्ट कारक होते हुए भी इनका प्रयोग करना तीव्र राग का द्योतक है, जो आत्मा का पतन करने वाला है।

    बहुत सारी अन्य भी बातें हैं जिनसे सिद्धि हो सकती है कि होली मनाने का जैन धर्म से कोई सम्बन्ध नहीं है। ना करने योग्य कार्यों पर तो चर्चा हो गई अब करने योग्य कार्य क्या हो सकते हैं

    • प्रथम में प्रथम तो ज्ञानानंद श्रावकाचार में होली की जी कथा है उसका स्वाध्याय करना चाहिए, मिथ्यात्व के स्वरुप को जिनवाणी के आधार से समझकर उसको त्यागने का तीव्र पुरुषार्थ करना चाहिए
    • संसार के स्वरुप और बारह भावना ,वैराग्य भावना आदि का चिंतन करना चाहिए
    • अधिक से अधिक समय स्वाध्याय, सामायिक, जिनेंद्र पूजन, भक्ति आदि में लगाना चाहिए
    • घरों में सामूहिक धार्मिक पाठ आदि कार्यक्रम रख सकते हैं
    • मंदिर जी में सामूहिक विधान आदि कर सकते हैं
    • शक्ति अनुसार व्रत उपवास आदि कर सकते हैं , हरी सब्जी फल आदि का त्याग कर सकते हैं
    • अब्रह्म और कुशील से जुड़ा हुआ प्रसंग था यह ( होली की कथा) इसीलिए ब्रह्मचर्य और शील संयम से रहने की प्रतिज्ञा अवश्य लेने योग्य है

    ज्ञानी जन कैसे होली मनाते हैं इसका वर्णन पं श्री दौलतराम जी इन पंक्तियों से करते हैं
    ज्ञानी ऐसे होली मचाई।।
    राग कियो विपरीत विपन-घर, कुमति कुसौति भगाई।

    मन में बहुत सारे प्रश्न खड़े हो जाते हैं कि जैन धर्म में अब होली भी नहीं मना सकते, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है वास्तव में असली होली तो जैन धर्म के दिंगबर मुनिराजों ने ही मनाई है।
    आठ कर्मों की ऐसी होली जलाई है कि अपने संसार का अभाव करके सिद्धालय में अनंत सुख भोग रहे हैं । सम्यकत्व रुपी रंग और व्रत रुपी गुलाल से जमकर वैराग्य के रंग में रंगे हुए हैं । ज्ञानमयी पिचकारी से पांचों इंद्रिय रूपी विषयों को परास्त कर दिया है । तप रूपी अग्नि में आठों कर्मों को जलाकर राख कर डाला है।
    वास्तव में जो लौकिक होली है इससे संसार ही बढ़ेगा दुःख ही बढ़ेगा ऐसी लौकिक रंगों की होली और होलिका दहन जैसे कार्यों का कृत कारित अनुमोदना से आजीवन त्याग करके हम सभी को स्वयं को आध्यत्मिक सम्यक्त्व रुपी रंग और व्रत रुपी गुलाल से रंगना चाहिए ।

    हम भी दिंगबर मुनिराजों की तरह शीघ्र ही आठ कर्मों की होली जला पाएं उनके बताए हुए मार्ग को शीघ्र आत्मसात् कर पाएं जिस क्षण चौदह गुणस्थान पार कर सिद्धालय में तिष्ठेंगे उस क्षण ही हमारी असली होली होगी । तब तक लौकिक गृहीत मिथ्यात्व की पोषक संसार बढ़ाने वाली होली का बुद्धिपूर्वक आजीवन त्याग करने योग्य है।
    -सोशल मीडिया से साभार

    Post Views: 1,982
    • TAGS
    • holi
    • holika dahan
    • jain holi
    Facebook
    Twitter
    Pinterest
    WhatsApp
      Previous articleमहिला दिवस पर जानिए! खूब लड़ी मर्दानी वह तो, झांसी से भी पहली रानी थी, कौन थी वो? जिसने विदेशियों के छक्के भी छुड़ाएं! ब्रिटिशों से लड़ने वाली पहली महिला
      Next articleयम सलेंखना व्रत के साथ चतुर्विध आहार का त्याग 91 वर्षीय साध्वी विश्वशांताश्री का विरागोदय तीर्थ मे हुआ समाधिमरण महोत्सव
      Channel Mahalaxmi
      http://www.channelmahalaxmi.com

      RELATED ARTICLESMORE FROM AUTHOR

      जैनों के नाम पर संसद में सफेद झूठ, क्यों? क्या सार्वजनिक माफी मांगते हुए, सत्य तथ्य नहीं बताने चाहिये ?

      जैन बेटी के सीने में दागी गोली, मौत से लड़ रही जिंदगी, 20 मिनट तड़पती रही बेटी और गोली पहुंच गई पेट में

      अनपढ़ लोग भी समझ लेते हैं और आप इतने पढ़े-लिखे होकर भी नहीं समझ रहे, अंध भक्ति छोड़ो, बच्चा गिरा दो, फिर…

      आस्था की अमर मशाल: दानवीर सेठ माणिकचंद और तीर्थक्षेत्र कमेटी के...

      Channel Mahalaxmi - June 11, 2026 0
      8 जून 2026 / जयेष्ठ कृष्ण अष्टमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ आस्था का सवा सौ साल पुराना पहरा और मौन साधना की अनकही कहानी......

      1000 साल पुरानी ‘मोक्ष यात्रा’ पगडंडी

      Channel Mahalaxmi - June 9, 2026 0

      भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के त्याग, तप और विजय की गौरव-गाथा – आस्था...

      Channel Mahalaxmi - June 4, 2026 0

      2 आर्यिका माताओं पर क्रूरता: समाज के भारी आक्रोश और NHRC की सख्ती के...

      Channel Mahalaxmi - May 27, 2026 0

      अहिंसा की खामोश चीख: 100 से अधिक शहरों में जैन समाज ‘मौन जुलूस’, PM...

      Channel Mahalaxmi - May 27, 2026 0

      आस्था की अमर मशाल: दानवीर सेठ माणिकचंद और तीर्थक्षेत्र कमेटी के 125 पावन वर्ष

      Channel Mahalaxmi - June 11, 2026 0

      1000 साल पुरानी ‘मोक्ष यात्रा’ पगडंडी

      June 9, 2026

      भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के त्याग, तप और विजय की...

      June 4, 2026

      2 आर्यिका माताओं पर क्रूरता: समाज के भारी आक्रोश और NHRC...

      May 27, 2026

      अहिंसा की खामोश चीख: 100 से अधिक शहरों में जैन समाज...

      May 27, 2026

      Contact Details

      Editor in Chief:-SHARAD JAIN
      Publish from:-New Delhi
      Phone:-011-42175437
      Whatsapp:-9910690823
      Email:-
      info@channelmahalaxmi.com

      Website:- www.channelmahalaxmi.com

      Follow on twitter

      Tweets by SandhyMahalaxmi

      Live Visitor Counter

      2942898
      Users Today : 454
      Total Users : 2442898
      Views Today : 1132
      Total views : 11161551
      Who's Online : 5
      © Copyright © Sharad Advertising Pvt. ltd All rights reserved | For Website Designing and Development :+91 8920664806
      error: Content is protected !!