1984 के बाद दिल्ली की सड़कों पर इतनी अराजकता पहले कभी नहीं दिखी। इसके लिए दोषी कौन? क्या सड़कों पर घूमता स्वच्छंद किसान या फिर उसके नेता दूसरी तरफ पुलिस बल या उसके आला अधिकारी या फिर मूक प्रशासन ? और इस बवाल पर रोटियां सेकते राजनेता। एक प्रश्न चिन्ह सबके सामने हैं। दोषी सड़क पर घूमने वाले किसान को बनाया जाएगा। पर क्या असली दोषी वही है?
27 वर्षों में दिगंबर संतों की कैसे घटी-बढ़ी संख्या ॰ गत...
12 अक्टूबर 2026 / अश्विन शुक्ल द्वितीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
॰ 27 वर्षों की लगातार वर्ष दर वर्ष गणना केवल सान्ध्य...
















