यह तीर्थंकर पार्श्वनाथ स्वामी की अनूठी प्रतिमा है जिसमे 1 ही पाषाण में 23 पार्श्वनाथ स्वामी के बिम्ब खुदे है, प्रतिमा जी कर्नाटक के जिनालय में विराजमान है। (SOURCR: SOCIAL MEDIA)
वर्षायोग…. कलश…. कलश…. कलश…अब एक तीर्थ सुरक्षा कलश की स्थापना भी!...
24 जुलाई 2026 /आषाढ़ शुक्ल दशमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
हमारी संस्कृति की आधारशिला, हमारे पावन जैन तीर्थों के संरक्षण...














