15 जनवरी 2022/ माघ कृष्ण अष्टमी/चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी /
कल मकर संक्रांति के उपलक्ष में लगभग 25 से 30000 लोग पारसनाथ की ओर गए और पुलिस और प्रशासन की चौकस व्यवस्था में सब कुछ शांति से, सौहार्द से , प्रेम से चलता रहा।
हां, किसी ने दुकानों से ऊपर खरीदारी नहीं की, ना डोली ली और ना बाइक ली ।
पर आज रविवार 15 जनवरी को संभवत पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए। लगभग एक लाख से ऊपर,( कुछ का दावा तो सवा लाख का भी है) अजैन भाई, आज ऊपर चढ़े । आप सोच सकते हैं कि आज फिर पिछले वर्षों की तरह लोग जूते लेकर गए होंगे और उन्होंने जैन भाइयों की अपील को सुना नहीं होगा।

पर आज जैसे चमत्कार हुआ, वह हो गया जो आज तक पहले कभी नहीं हुआ । शायद जैन समाज को भी इसकी आज तक उम्मीद नहीं होगी। आज मधुबन तलहटी में जैन समाज की सभी संस्थाएं मधुबन का जैन समाज पंचायत और साथ ही अन्य समाज की कमेटी अभी स्वच्छता समिति सहित सभी ने जैसे बंदोबस्त की कमान अपने पास लेकर सामूहिक रूप से संभाली थी जिनमें पंचायत प्रमुख सरपंच उप मुखिया थाना प्रभारी आदि का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा

यही नहीं सुबह 11:00 विमल सागर जी समाधि के पास एक बड़ा स्टाल आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के आशीर्वाद से, उनकी सोच से सबने मिलकर लगाया और आप हैरान होंगे कि उनके द्वारा 60,000 से ज्यादा गुड़ चूड़ा के पैकेट बांटे गए
सबसे बड़ी जैन समाज को चौंकाने वाली बात यह रही कि कोई भी गाने बजाने का सामान ऊपर लेकर नहीं गया , जिनके पास भी थे, वह नीचे ही चेकिंग पोस्ट पर सब ने जमा करवा दिए

और चमत्कार हुआ, जब डाक बंगले से आगे कुछ दूरी पर अधिकांश ने अपने जूते उतार कर, पारसनाथ टोंक पर दर्शन किए और उनके मुख से जयकारे निकल रहे थे- पारस नाथ बाबा की जय, अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागरजी की जय सचमुच नारे पावन पर्वत धरा को आज गदगद कर रहे थे, जो जैन समाज चाहता था, आज आदिवासी भाइयों ने मिलकर उस बात को पूरा कर दिया।
चैनल महालक्ष्मी , कल सोमवार को रात्रि 8:00 बजे, इसकी एक पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा जिसकी जानकारी आपको इस समय तक नहीं है । यह जैन समाज और आदिवासी भाइयों के मेलजोल से , आज जो हुआ, वह ऐतिहासिक घटना बन गई और आज पहली बार ऐसा हुआ, जब मीडिया भी ऊपर टोंक पर , उन सब से इस बारे में पूछता नजर आया।
देखिएगा जरूर, 16 जनवरी रात्रि 8:00 बजे , चैनल महालक्ष्मी का एक्सक्लूसिव एपिसोड, शिखरजी में चमत्कार हो गया , कैसे और क्या।
















