08 सितंबर 2024/ भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पंचमी//चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/
02 सितंबर सोमवार को दोपहर को तीर्थंकर विमलनाथजी की सुवीर कूट के पास कुछ लोगों के कैम्पिंग करते वीडियो बनाकर वायरल हुआ। छोटे टेंट के पास कुछ जूते भी दिखाई दिये।

05 जनवरी 2023 को जारी पत्र के अनुसार केन्द्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से इस पवित्र तीर्थ पर कैम्पिंग, ट्रेकिंग, पर्यटन पर पूरी तरह रोक के आदेश दिये थे और इस पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की है। संभवत: उन्हीं के ढुलमुल रवैये से पहले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद पवित्र पर्वत पर पशुबलि दी गई, जिस पर प्राथमिकी जरूर दर्ज हुई, परन्तु राजनीतिक वरदहस्त के चलते कोई कार्यवाही नहीं हुई।

अब यह घटना सामने आई। सान्ध्य महालक्ष्मी ने शिखरजी के कार्यालय से सम्पर्क किया, तो उन्होंने चित्र भेजें जो 03 सितम्बर सुबह 6 बजे के हैं। स्पष्ट है कैम्पिंग करने वाले लोग कुछ घंटे बाद ही वहां से चले गये। सरकार, प्रशासन व वन विभाग को इन दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुये, यहां की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिये व वन्दना प्रवेश पर कड़ी तलाशी करनी चाहिए, वरना इस तरह के हादसों पर रोक केवल कागजों में ही सिमट कर रह जाएगी। (सान्ध्य महालक्ष्मी/ 06 सितंबर 2024)


















