संत मिलन का अनूठा अंदाज केशलोंच के साथ आचार्य श्री विद्यासागरजी के शिष्य निष्कंप सागजी मिले आचार्य श्री सुनील सागरजी के शिष्य मुनि श्री सक्षम सागरजी से। शायद यह कह रहे थे, आपके बढ़े बाल देखकर लगता है कि आपके केशलोंच का समय हो गया है, लाओ मैं ही कर देता हूं, ऐसे मिलेंगे संत, तो संतवाद-पंथवाद का होगा अंत।
आस्था की अमर मशाल: दानवीर सेठ माणिकचंद और तीर्थक्षेत्र कमेटी के...
8 जून 2026 / जयेष्ठ कृष्ण अष्टमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/
आस्था का सवा सौ साल पुराना पहरा और मौन साधना की अनकही कहानी......
















