संत मिलन का अनूठा अंदाज केशलोंच के साथ आचार्य श्री विद्यासागरजी के शिष्य निष्कंप सागजी मिले आचार्य श्री सुनील सागरजी के शिष्य मुनि श्री सक्षम सागरजी से। शायद यह कह रहे थे, आपके बढ़े बाल देखकर लगता है कि आपके केशलोंच का समय हो गया है, लाओ मैं ही कर देता हूं, ऐसे मिलेंगे संत, तो संतवाद-पंथवाद का होगा अंत।
क्या जैन धर्म के होने वाले हैं दो नए भेद ?…....
28 अप्रैल 2026 /बैसाख शुक्ल त्रयोदशी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ प्रो अनेकांत कुमार जैन,नई दिल्ली
दुनिया में प्रायः धर्म, दर्शन और अध्यात्म इन...
















