संत मिलन का अनूठा अंदाज केशलोंच के साथ आचार्य श्री विद्यासागरजी के शिष्य निष्कंप सागजी मिले आचार्य श्री सुनील सागरजी के शिष्य मुनि श्री सक्षम सागरजी से। शायद यह कह रहे थे, आपके बढ़े बाल देखकर लगता है कि आपके केशलोंच का समय हो गया है, लाओ मैं ही कर देता हूं, ऐसे मिलेंगे संत, तो संतवाद-पंथवाद का होगा अंत।
वर्षायोग…. कलश…. कलश…. कलश…अब एक तीर्थ सुरक्षा कलश की स्थापना भी!...
24 जुलाई 2026 /आषाढ़ शुक्ल दशमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
हमारी संस्कृति की आधारशिला, हमारे पावन जैन तीर्थों के संरक्षण...














