मुनि पुंगव श्री सुधा सागरजी के नेतृत्व में चंवलेश्वर के लिये बिजौलिया से चली रथयात्रा गजब ढा रही है, चित्र समेटे नहीं जा रहे, खुशियां बढ़ती जा रही है, जैसे तीर्थंकर समोशरण के लिये चतुर्विध संघ, लालायित हो बढ़ता आ रहा हाथी, घोड़े, रथ, ढोल, नगाड़े, श्रावकों का हजूम – गजब, अद्भुत आश्चर्यजनक, छह दिन में 80 किमी की यात्रा -बिजौलिया से चंवलेश्वर।
क्या जैन धर्म के होने वाले हैं दो नए भेद ?…....
28 अप्रैल 2026 /बैसाख शुक्ल त्रयोदशी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ प्रो अनेकांत कुमार जैन,नई दिल्ली
दुनिया में प्रायः धर्म, दर्शन और अध्यात्म इन...
















