मुनि पुंगव श्री सुधा सागरजी के नेतृत्व में चंवलेश्वर के लिये बिजौलिया से चली रथयात्रा गजब ढा रही है, चित्र समेटे नहीं जा रहे, खुशियां बढ़ती जा रही है, जैसे तीर्थंकर समोशरण के लिये चतुर्विध संघ, लालायित हो बढ़ता आ रहा हाथी, घोड़े, रथ, ढोल, नगाड़े, श्रावकों का हजूम – गजब, अद्भुत आश्चर्यजनक, छह दिन में 80 किमी की यात्रा -बिजौलिया से चंवलेश्वर।
पालगंज की राजभक्ति, वायसराय से टक्कर और ‘परवार स्टेट’ का अमर...
आस्था का सवा सौ साल पुराना पहरा और मौन साधना की अनकही कहानी... भाग- 6
‘भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी’ के गौरवमयी 125 वर्ष...














