अक्षय तृतीया को दर्शाते सिक्के का सच

0
244

24 अप्रैल 2026 /बैसाख शुक्ल अष्टमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/
पिछले कई वर्षों से अक्षय तृतीया के अवसर पर यह सिक्का व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी पर जैन ग्रुपों में छा जाता है। टिप्पणी की जाती है कि 1818 ई. से ईस्ट इंडिया कम्पनी ने यह एक आने का सिक्का जारी किया।

इसका प्रमाण जानने के लिये चैनल महालक्ष्मी टीम पुहंची ब्रिटिश एम्बेसी में, वहां कुछ पुस्तकों में यह खंगाल ही रहे थे, तभी वहां एक जिम्मेदार अधिकारी से इस बारे में जानकारी ली, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह ब्रिटिश काल या ईस्ट इंडिया कम्पनी द्वारा जारी सिक्का नहीं है। यह भी स्पष्ट किया कि 1818 या उसके आसपास भी ईस्ट इंडिया कम्पनी ने कभी भी जैन तीर्थंकरों या किसी हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर वाले कोई भी सिक्के जारी नहीं किये। यह असली मुद्रा का कोई सिक्का नहीं है।

इसलिये कभी भी इस तरह की बात लिखकर पोस्ट जारी नहीं करे। इसकी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3690 में देखी जा सकती है।