Facebook Instagram Linkedin Twitter Youtube
  • जैन JAIN
  • राष्ट्रीय समाचार
  • प्रवचन PRAVACHAN
  • विरासत HERITAGE
  • पर्व FESTIVAL
  • तीर्थ TEERTH
  • संत SAINT
    • आचार्य श्री कुंद कुंद
    • आचार्य श्री विद्यानंद
    • आचार्य श्री विद्यासागर
    • आचार्य श्री शांति सागर
  • चिंतन THOUGHT
  • जानिये KNOW
  • तीर्थंकर/Teerthankar
    • श्री ऋषभ नाथ जी
    • श्री चन्द्रप्रभ जी
    • श्री नेमिनाथ जी
    • श्री पद्मप्रभ जी
    • श्री पार्श्वनाथ जी
    • श्री महावीर स्वामी जी
    • श्री वासुपूज्य नाथ जी
    • श्री शांति नाथ जी
  • फोटो/ वीडियो PHOTO/VIDEO
  • सामाजिक SOCIAL
  • राजनीतिक POLITICAL
  • रोचक INTERESTING
  • लाइव LIVE
  • प्रेरक कहानी /कविता
  • विज्ञापन रेट/ Add. Rate
  • हमारे बारे में ABOUT US
  • E-paper
    • E-Paper Sandhyamahalaxmi
    • E-Paper Dainik Mahalaxmi
Search
Wednesday, March 11, 2026
Facebook Instagram Linkedin Twitter Youtube
Sign in
Welcome! Log into your account
Forgot your password? Get help
Password recovery
Recover your password
A password will be e-mailed to you.
Channel Mahalaxmi
  • जैन JAIN
    • कुंडलपुर बड़े बाबा के शिखर पर चढ़ रील बनाने का पागलपन

      जैनों के मंदिर-दुकानों के आगे फेंके जा रहे मांस लोथड़े ॰…

      ऋषभदेव जन्म-तप कल्याणक मनेगा पहली बार मदरसो में भी

      गंगापुर सिटी जैन मंदिर के फर्जी दस्तावेज का खुलासा, अब नोटिस

      जैन मंदिर में भोजन पार्टी, पहले विवाद में 4 बार कर्फ्यू,…

  • राष्ट्रीय समाचार
    • जैन इतिहास का सबसे दर्दनाक हादसा! मुआवज़ा देने में भी जैनों…

      मोदी जी! दस सालों में बदल गये: शाकाहारी झंडा उठाने…

      शाकाहार अहिंसा का शंखनाद करने वाले जैन समाज ही नहीं, …

      विदेश से युवा दंपत्ति की गुहार ,जैन बिटिया को छोड़ दो…

      राष्ट्रीय ध्वज में मौजूद धर्म चक्र में 24 तीलियां बनी हुई…

  • प्रवचन PRAVACHAN
  • विरासत HERITAGE
  • पर्व FESTIVAL
  • तीर्थ TEERTH
  • संत SAINT
    • आचार्य श्री कुंद कुंद
    • आचार्य श्री विद्यानंद
    • आचार्य श्री विद्यासागर
    • आचार्य श्री शांति सागर
  • चिंतन THOUGHT
  • जानिये KNOW
  • तीर्थंकर/Teerthankar
    • श्री ऋषभ नाथ जी
    • श्री चन्द्रप्रभ जी
    • श्री नेमिनाथ जी
    • श्री पद्मप्रभ जी
    • श्री पार्श्वनाथ जी
    • श्री महावीर स्वामी जी
    • श्री वासुपूज्य नाथ जी
    • श्री शांति नाथ जी
  • फोटो/ वीडियो PHOTO/VIDEO
  • सामाजिक SOCIAL
  • राजनीतिक POLITICAL
  • रोचक INTERESTING
  • लाइव LIVE
  • प्रेरक कहानी /कविता
  • विज्ञापन रेट/ Add. Rate
  • हमारे बारे में ABOUT US
  • E-paper
    • E-Paper Sandhyamahalaxmi
    • E-Paper Dainik Mahalaxmi
Home सामाजिक SOCIAL शाकाहारी सरकार का माँसाहारी फरमान – नीलगाय- जंगली सूअर को मारने के...
  • सामाजिक SOCIAL

शाकाहारी सरकार का माँसाहारी फरमान – नीलगाय- जंगली सूअर को मारने के लिए अब वॉट्सएप या ई-मेल पर सूचना दो- घायल होने के बाद जानवर की मौत यदि जंगल में होती है तो गुनाह नहीं

By
Channel Mahalaxmi
-
January 28, 2022
0
2601
Facebook
Twitter
Pinterest
WhatsApp

    मप्र में नीलगाय और जंगली सूअर के शिकार की अनुमति अब आवेदन करने के 8 दिन में मिल जाएगी। साथ ही लाइसेंसी हथियार रखने वाले उन्हें मार सकेंगे। वन विभाग लगभग 20 साल पुराने नियम में बदलाव करने जा रहा है। इसका ड्राफ्ट तैयार है, विधायकों की राय के बाद इसे मंजूरी दे दी जाएगी। विधायकों को पत्र भेज दिए गए हैं।

    गौरतलब है कि वर्ष 2000 में नीलगाय को मारने और 2003 में जंगली सूअर को मारने के नियम बने थे। संशोधित हो रहे नए नियम में वॉट्सएप या ई-मेल पर रेंजर को भेजी गई सूचना को ही आवेदन माना जाएगा। साथ ही शिकार की अनुमति का अधिकार भी जिला प्रशासन लेकर फॉरेस्ट के एसडीओ को दिया जाएगा। खास बात यह है घायल होने के बाद जानवर की मौत यदि जंगल में होती है तो गुनाह नहीं होगा। पहले मौत निजी जमीन पर होना जरूरी था।

    सीमित संख्या में अनुमति देंगे
    ‘एसडीओ फॉरेस्ट के पास से मंजूरी मिलने लगेगी तो नीलगाय या जंगली सूअर से प्रभावित लोग आवेदन करेंगे। वैसे इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि सीमित संख्या में अनुमति दी जाए। यह सही है कि इन दोनों जानवरों की संख्या ज्यादा होने की वजह से यह फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।’ – आलोक कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), मप्र
    पूर्व में एक ने भी नहीं किया आवेदन

    पुराने नियमों के तहत एक भी किसान या रजिस्टर्ड शिकारी ने नीलगाय या जंगली सूअर को मारने का आवेदन नहीं किया। जबकि विधायक विधानसभा से लेकर कई मंचों पर यह मसला उठा चुके हैं कि फसलों को नुकसान होता है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियम पेंचीदा था, इसलिए कोई आवेदन नहीं आया।
    पहले… जानवर की मौत निजी जमीन पर ही होना जरूरी थाअब… घायल होने के बाद मौत जंगल में हुई तो भी गुनाह नहीं

    – हथियार लाइसेंसी शिकार कर सकेगा। यदि किसी के पास लाइसेंस नहीं है तो वह उस जिले के किसी भी दूसरी लाइसेंसी व्यक्ति से शिकार करा सकेगा। फॉर्म में दोनों के नाम संयुक्त रूप से लिखे रहेंगे।

    – समय सीमा तय रहेगी। आवेदन मिलने के बाद रेंजर पांच दिन के भीतर मौके पर जाकर देखेगा और उसकी रिपोर्ट के बाद तीन दिन में एसडीओ मंजूरी देगा।

    – निजी जमीन पर जानवर को मारने के बाद यदि वह जंगल में जाकर मरता है तो इसमें कोई विवाद नहीं होगा। एक बार में पांच-पांच जंगली सूअर या नीलगाय को मारने की इजाजत रहेगी।

    – मौजूदा एक्ट में जंगली सूअर और नीलगाय को मारने की स्वीकृति एसडीएम देते हैं। शिकारी के पास गन का लाइसेंस होने के साथ ही उस व्यक्ति का रजिस्टर्ड शिकारी होना जरूरी है।

    – सूअर व नीलगाय को मारते समय उसका निजी जमीन पर होना जरूरी है। शिकारी को ही यह लिखकर देना होगा कि जिसे उसने मारा है, वही फसल का नुकसान करता था।
    भास्कर से साभार

    Post Views: 2,679
    • TAGS
    • MP GOVT
    • NILGAI KILLING
    Facebook
    Twitter
    Pinterest
    WhatsApp
      Previous articleजीत के लिए आशीर्वाद लेने पहुंच गए योगी जी वंदनीय माता जी के पास , पर किसी जैनी को टिकट मिलने की नहीं दिखाई कोई आस
      Next articleकर्मों का खेल कैसे खेल खिलाता है, मात्र आहार देने से तीर्थंकर, देखने से मोक्ष राह दिखाता है-यह शक्ति, प्रेम, धर्म की ऐसी अनोखी सत्यकथा है
      Channel Mahalaxmi
      http://www.channelmahalaxmi.com

      RELATED ARTICLESMORE FROM AUTHOR

      जैनों के नाम पर संसद में सफेद झूठ, क्यों? क्या सार्वजनिक माफी मांगते हुए, सत्य तथ्य नहीं बताने चाहिये ?

      जैन बेटी के सीने में दागी गोली, मौत से लड़ रही जिंदगी, 20 मिनट तड़पती रही बेटी और गोली पहुंच गई पेट में

      अनपढ़ लोग भी समझ लेते हैं और आप इतने पढ़े-लिखे होकर भी नहीं समझ रहे, अंध भक्ति छोड़ो, बच्चा गिरा दो, फिर…

      12 मार्च क्यों है सभी के लिए खास- भारत की पहचान...

      Channel Mahalaxmi - March 11, 2026 0
      चैत्र कृष्ण नवमी : इस कल्याणक को मनाना, कभी भूल ना जाना, तीर्थंकर श्री ऋषभनाथ, भरत चक्रवर्ती, ब्राह्मी की जन्मतिथि ॰ महज याद रखना नहीं,...

      कुंडलपुर बड़े बाबा के शिखर पर चढ़ रील बनाने का पागलपन

      Channel Mahalaxmi - March 9, 2026 0

      जैनों के मंदिर-दुकानों के आगे फेंके जा रहे मांस लोथड़े ॰ रंगे हाथों पकड़ी...

      Channel Mahalaxmi - March 7, 2026 0

      ऋषभदेव जन्म-तप कल्याणक मनेगा पहली बार मदरसो में भी

      Channel Mahalaxmi - March 7, 2026 0

      गंगापुर सिटी जैन मंदिर के फर्जी दस्तावेज का खुलासा, अब नोटिस

      Channel Mahalaxmi - February 28, 2026 0

      12 मार्च क्यों है सभी के लिए खास- भारत की पहचान के लिए, अयोध्या के निर्माण के लिए, साधु -संतों के लिए, रोजगार के...

      Channel Mahalaxmi - March 11, 2026 0

      कुंडलपुर बड़े बाबा के शिखर पर चढ़ रील बनाने का पागलपन

      March 9, 2026

      जैनों के मंदिर-दुकानों के आगे फेंके जा रहे मांस लोथड़े ॰...

      March 7, 2026

      ऋषभदेव जन्म-तप कल्याणक मनेगा पहली बार मदरसो में भी

      March 7, 2026

      गंगापुर सिटी जैन मंदिर के फर्जी दस्तावेज का खुलासा, अब नोटिस

      February 28, 2026

      Contact Details

      Editor in Chief:-SHARAD JAIN
      Publish from:-New Delhi
      Phone:-011-42175437
      Whatsapp:-9910690823
      Email:-
      info@channelmahalaxmi.com

      Website:- www.channelmahalaxmi.com

      Follow on twitter

      Tweets by SandhyMahalaxmi

      Live Visitor Counter

      2766575
      Users Today : 1033
      Total Users : 2266575
      Views Today : 3757
      Total views : 10662111
      Who's Online : 12
      © Copyright © Sharad Advertising Pvt. ltd All rights reserved | For Website Designing and Development :+91 8920664806
      error: Content is protected !!