विमल गच्छाधिपति आचार्य देव श्री प्रधुम्न विमल सूरीश्वरजी महाराज साहब के शिष्य रत्न श्री आगम विमल जी का दिनांक 25-01-2021 को 12:30 बजे कालधर्म हो गया हैं। जिनकी पालकी हिम्मतविहार धर्मशाला पालीताणा से ।
वर्षायोग…. कलश…. कलश…. कलश…अब एक तीर्थ सुरक्षा कलश की स्थापना भी!...
24 जुलाई 2026 /आषाढ़ शुक्ल दशमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
हमारी संस्कृति की आधारशिला, हमारे पावन जैन तीर्थों के संरक्षण...














