6 मार्च 2026 / चैत्र कृष्ण तृतीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
आगामी 12 मार्च को जब पूरा जैन समाज ऋषभदेव जन्म-तप कल्याणक चैत्र कृष्ण नवमी को मनायेगा, वहीं एक और अभूतपूर्व पहल ने इस बार अहिंसा, अपरिग्रह जैसे गुणों को विकसित करने में एक नई दिशा प्रदान करेगी।

राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने जानकारी दी है कि यह अभिनव पहल राजस्थान मदरसा बोर्ड ने जब पूरे राजस्थान के मदरसों, अल्पसंख्यक छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों एवं अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त शिक्षण संस्थानों में विभिन्न प्रतियोगितायें कराने का निर्णय किया है, जिनका आयोजन 15 मार्च तक होगा। इन प्रतियोगिताओं को तीन स्तर पर आयोजित किया जाएगा:-

1. 03 से 06 वर्ष तक के लिये पूर्व प्राथमिक स्तर में ज्ञानवर्धक खेल, ऋषभदेव जीवन पर आधारित फिल्म, संतों के प्रवचन, कहानी सुनाना आदि।
2. 06 से 10 वर्ष के प्राथमिक स्तर के लिये रंगोली, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर डिजाइन, संतों के प्रवचन आदि।
3. 11 से 18 वर्ष माध्यमिक स्तर के लिये रंगोली, चित्रकला, मरुदेवी माता के 16 स्वप्न, पोस्टर डिजाइन, संतों के प्रवचन, खेल, डिजीटल प्रस्तुतियां आदि।
जहां विद्यार्थियों को इनसे प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव के जीवन से प्रेरणा मिलेगी, वहीं उन्हें जैन इतिहास और संस्कृति एवं परम्पराओं को जानने का अवसर मिलेगा। यह निश्चित ही सराहनीय पहल है। इसकी पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3640 में देख सकते हैं।















