॰ अपने प्रयास करते रहो, सफलता मिलेगी ही
11 फरवरी 2026 / फाल्गुन कृष्ण नवमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
04 फरवरी को जैन समाज को बड़ी खुशखबरी मिली। यह आई कर्नाटक के यादगिर जिले के शाहपुर तालुका के शाहपुर से, जहां पिछले 20 वर्षों से पुराने तहसील कार्यालय के बाहर 5 फीट की खड्गासन प्रतिमा रखी हुई थी। यह गुलबर्गा से 70 किमी दूरी पर है। लोगों के कहना था कि इसे यहां से ले जाने की कोशिश में यह मूर्ति सरकार के हाथ में चली जायेगी। फिर भी 08 दिसम्बर 2025 को पत्र जारी कर उस मूर्ति को गोगी जैन मंदिर में रखने के लिए शाजापुर तहसीलदार को प्रार्थना की।

फिर 31 दिसम्बर को शाहपुर तालुका तहसीलदार द्वारा गोगी तहसीलदार को उस पत्र के अनुसार उचित कार्यवाही करने को कहा। गोगी जैन मंदिर वहां से 12 किमी की दूरी पर है। अथक प्रयासों से सफलता भी कदम चूमने लगती है। अब 04 फरवरी को वह खुशी की खबर आ ही गई, जब शाहपुर के गोगीपेठ गांव के 12वीं सदी के प्राचीन श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में वह मूर्ति प्रात:काल में स्थानांतरित हो गई।
गोगीपेठ मंदिर का अभी हाल में महासभा द्वारा जीर्णोद्धार भी कराया गया था। शाहपुर की तरह गोगीपेठ में भी 4-5 ही जैन परिवार रहते हैं। हां, प्रयास तो करें।

इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3617 में देख सकते हैं।















