नेमावर की पुण्यधरा पर आचार्य भगवंत गुरुवर विद्यासागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में चल रहे आदर्श पंचकल्याणक महोत्सव में जब जैन समाज के भामाशाह कहे जाने वाले आर.के. मार्बल्स अशोक पाटनी जी, सुशीला पाटनी व उनके परिवार का आना हुआ तो जैसे माहौल में एक नई ऊर्जा आ गई, यह सहज बात ही है, क्योकि पुण्यशाली धर्मात्माओं का संयोग प्रसन्नता और आनंद देने वाला होता है।
क्या जैन धर्म के होने वाले हैं दो नए भेद ?…....
28 अप्रैल 2026 /बैसाख शुक्ल त्रयोदशी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ प्रो अनेकांत कुमार जैन,नई दिल्ली
दुनिया में प्रायः धर्म, दर्शन और अध्यात्म इन...
















