यह स्थान पुडुकोट्टई से 2 km की दूरी पर है। बताते है यह प्रतिमा श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान की है। वर्तमान में जैनेत्तर लोग उनको मुनीश्वर बोलकर उनकी विधी से पूजा-आराधना करते है, अभी मल मास में उनकी विशेष आराधना करते है।
6 माह में सम्मेदशिखर की पूरी रंगत बदली हुई दिखेगी –...
22 अगस्त 2026 /श्रावण शुक्ल दशमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
॰ तीर्थक्षेत्र कमेटी टीम को आशीर्वाद व दी...



















