श्री सुयोग संघ को पनरुट्टी से निकलने के बाद कड्डलोर से 2.5 km. पहले एक बड़ी तीर्थंकर श्री आदिनाथ प्रतिमा का दर्शन हुआ। बताते है वह 1000+ वर्ष प्राचीन प्रतिमा है। यहां के जैनेत्तर लोगों की इनके प्रति आस्था है वे अपने उत्सव से पहले एक बार इनको पूजा-आरती आदि करके फिर शुरू करते है। पहले तो भगवान पर कपड़ा भी डालते थे लेकिन अब नही डालते। माह में केवल 2 बार अभिषेक होता है वो भी साफ-सफाई के लिए। कहते यह प्रतिमा बहकर आयी थी और फिर यही स्थापित हो गयी। आज संघ के सान्निध्य में जल अभिषेक और शांतिधारा की गई।
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