मंगसिर शुक्ल एकादशी को ही , जो 25 दिसंबर को है 21 वे तीर्थंकर श्री नमिनाथजी को, 9 माह के तप के बाद, वकुल वृक्ष के नीचे, केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई। आपका केवली काल 2491 वर्ष का था, यानी एक ही दिन में 2 तीर्थंकर के तीन कल्याणक हुए ।
बोलिए श्री नमिनाथ तीर्थंकर जी की जय।
भाद्रपद पर्वों का राजा, तो चैत्र माह कल्याणकों का महाराजा
11 मार्च 2026 / चैत्र कृष्ण नवमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
आज एक अनोखा चिंतन, विश्लेषण दे रहा है चैनल...

















