लंदन के म्यूजियम में विराजमान 1008 तीर्थंकर श्री चंद्रप्रभु जी की अति दुर्लभ बहुमुखी प्रतिमा

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यह प्रतिमा तीर्थंकर के समवसरण में विराजमान होने की धोतक है, क्यूंकि समवसरण में विराजमान भगवान को दसों दिशाओं से देखा जाता है तो भी भगवान की मुखाकृति स्पष्ट दिखती है ।इस तरह की कलाकृति की प्रतिमाऐं अब नही बनती है।