संत मिलन का अनूठा अंदाज केशलोंच के साथ आचार्य श्री विद्यासागरजी के शिष्य निष्कंप सागजी मिले आचार्य श्री सुनील सागरजी के शिष्य मुनि श्री सक्षम सागरजी से। शायद यह कह रहे थे, आपके बढ़े बाल देखकर लगता है कि आपके केशलोंच का समय हो गया है, लाओ मैं ही कर देता हूं, ऐसे मिलेंगे संत, तो संतवाद-पंथवाद का होगा अंत।
12 मार्च क्यों है सभी के लिए खास- भारत की पहचान...
चैत्र कृष्ण नवमी : इस कल्याणक को मनाना, कभी भूल ना जाना, तीर्थंकर श्री ऋषभनाथ, भरत चक्रवर्ती, ब्राह्मी की जन्मतिथि
॰ महज याद रखना नहीं,...














