सोनागिर तीर्थ पर चांदी की प्रतिमा चोरी ॰ चार माह पहले सिद्धक्षेत्र पर हुई थी विराजमान

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॰ जिनालय नं. 57 में विराजित रजत प्रतिमा खर्राटे लेते, हथियारबंद पुलिस के सामने से चोरी
॰ कई बार गुल्लक से होती रही है चोरी
13 अप्रैल 2026 /बैसाख कृष्ण एकादशी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/

दतिया (म.प्र.) का सिद्धक्षेत्र सोनागिर, 70 जिनालयों में प्रमुख चन्द्रप्रभ जिनालय नं. 57, जहां दिसम्बर में ही रजत प्रतिमा की स्थापना हुई थी।

यहां के मंत्री बालचंद जी ने सान्ध्य महालक्ष्मी को बताया कि 04-05 अप्रैल की रात में चोर साढ़े सात किलो वजनी रजत प्रतिमा के साथ ढाई किलो वजनी चांदी का सिंहासन, छत्र आदि ले गये। उन्होंने बताया कि 24 घंटे ड्यूटी पर दो हथियारबंद पुलिसवाले जिनालय में और दो सामने चौकी में रहते हैं, इसलिये कमेटी भी सुरक्षा के मामले में निश्चिंत थी। सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। जब सुबह साढ़ पांच बजे माली पहुंचा, तब पता चला।

चोरी के समय तीन पुलिस वाले वहां मौजूद नहीं थे और चौथा चौकी में खर्राटे भर रहा था। कहा गया कि मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज स्पष्ट नहीं मिल पाये, क्योंकि उस दौरान बिजली बार-बार कट रही थी। पुलिस के डॉग स्क्वॉयड और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की, पर अब तक कोई सुराग पाने में सफल नहीं हो सकी। मंदिर की तीन दान पेटियों के ताले भी तोड़े गये और उनमें रखे हजारों की नकदी भी ले गये। घटना के समय सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं थे। लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

मूर्ति चोरी की इस सिद्धक्षेत्र की पहली घटना और वही भी जब यहां मंदिर और उसके ठीक सामने पुलिस चैकी में पुलिस कर्मियों की तैनाती रहती है, इस तरह की चोरी से जैन समाज में रोष है, वहीं यहां पुलिस की लापरवाही स्पष्ट नजर आती है।

इस बारे में एक रिपोर्ट चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3679 में देख सकते हैं।