पावन सिद्ध.क्षेत्र रत्नपुरी जहां भगवान धर्मनाथ के सामने प्रण किया था कि रोज ( गजमोती ) चढ़ाकर के ही आहार ग्रहण करूंगी

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15मई 2022/ बैसाख शुक्ल चतुर्दशी /चैनल महालक्ष्मीऔर सांध्य महालक्ष्मी/
श्री धर्मनाथ दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र रत्नपुरी, रौनाही , जिला – अयोध्या

भगवान धर्मनाथ के चार कल्याणकों की पावन भूमि रत्नपुरी जहां भगवान धर्मनाथ के गर्भ, जन्म, तप एवं ज्ञान कल्याणक ऐसे चार कल्याणकों से सहित भूमि है। भगवान धर्मनाथ का प्रथम समवशरण भी यहीं आया था।

यह वही भूमि हैं जहाँ पर सती ( मनोरमा ) ने प्रथम बार धार्मिक भावना भाते हुए यही रत्नपुरी में भगवान धर्मनाथ के सामने प्रण किया था कि रोज ( गजमोती ) चढ़ाकर के ही आहार ग्रहण करूंगी और बाद में इसी तीर्थ पर धार्मिक यात्रा का समापन भी किया था।
व्रत पूर्ण होने पर इसी तीर्थ पर उसका उद्यापन भी किया था।

ऐसे पावन सिद्ध.क्षेत्र पर आप सपरिवार पधार कर भगवान धर्मनाथ के दर्शन कर धर्म लाभ अवश्य लें।
यहां भोजन आवास की उत्तम व्यवस्था है आप अवश्य पधारें