प्राचीन तीर्थों की प्रदर्शनी 4 आचार्यों ने किया शुभारंभ

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23 जनवरी 2026 / माघ शुक्ल पंचमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी द्वारा सिद्धक्षेत्रों, कल्याणक भूमियों, अतिशय क्षेत्रों में से 50 की, चित्र प्रदर्शनी लगाई, जिसका शुभारंभ गणाधिपति गणधराचार्य श्री कुंथुसागरजी, आचार्यश्री गुणधरनंदी जी, आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी, आचार्य श्री प्रणाम सागरजी, उपाध्याय श्री विरंजन सागरजी आदि अनेक संतों व भट्टारकों की उपस्थिति में हुआ। संतों सहित हजारों लोगों ने उन चित्रों से अपने प्राचीन तीर्थों को जाना।

इस अवसर पर चैनल महालक्ष्मी ने तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन, शतकोत्तर रजत महोत्सव के चेयरमैन जवाहरलाल जैन, उपाध्यक्ष संजय पापड़ीवाल, वहां की जैन पंचायत के अध्यक्ष महावीर पाटनी आदि की उपस्थिति में सभी संतों को तीर्थक्षेत्र कमेटी के 22 अक्टूबर 2026 से पूरे एक वर्ष जन-जन में जागरूकता, तीर्थों के संरक्षण, संवर्धन आदि के लिये चलने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए विनम्र अनुरोध किया कि 2026 व 2027 के चातुर्मास के समय, संतों के सान्निध्य में होने वाले पंचकल्याणकों, बड़े विधान आदि में तीर्थ सुरक्षा हेतु कलश स्थापना की जाये, जिसकी राशि तीर्थक्षेत्र कमेटी को भेजी जाये और वह उसका सदुपयोग तीर्थों के विकास-जीर्णोद्धार में करें।

उस प्रदर्शनी में अनेक तीर्थों को देख लोग आश्चर्यचकित थे, कुछ महिलायें जो ग्रुप बनाकर तीर्थों पर समय-समय पर जाती रही हैं, वह तक आपस में कह रही थी, देखो, ऐसे तीर्थ कितने हैं, हम तो 10-12 से ज्यादा नहीं गये, अब इन तीर्थों के दर्शन करने जायेंगे, पर इन सबका संरक्षण कौन करता है। तभी दूसरी बोली – देख नहीं रही, नीचे लिखा है, भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी और उन्हीं के पदाधिकारी, जगह-जगह जाकर जागरूकता ला रहे हैं, है न अच्छी बात।