26 दिसंबर 2025 / पौष शुक्ल षष्ठी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी
अनादिनिधन तीर्थ श्री सम्मेदशिखरजी से मुनि श्री सुतीर्थ सागरजी का खण्डगिरि की ओर विहार कर रहे हैं और 15 दिनों में ऐसा दूसरी बार हुआ, जब सोमवार 15 दिसम्बर को बालासोरु के कोच्चि गांव से जा रहे थे, कि तभी बाइक पर दो व्यक्ति आते हैं, मुनि श्री के आगे आकर वापस लौटने की बात कहने के साथ धमकी देते हैं कि आगे बढ़े तो कपड़े पहना देंगे। और फिर अपशब्द बोलकर आगे बढ़ें, तो साथ चल रहे आदेश भैय्याजी से झड़प हुई और फिर भद्दी गालियां दीं।

चैनल महालक्ष्मी ने इस बारे में थाने में मौजूद गोलू भैय्या से बात की। वो थाने में पुलिस व्यवस्था की गुहार लगा रहे थे। उसने बताया कि मुनि श्री के विहार का पूरा शेड्यल पहले ही दे दिया था और ऊपर से स्वीकृति भी मिल चुकी है पर ये कह रहे हैं – ‘तुम्हारी ही ठेका नहीं ले रखा हमने।’

बाइक का नम्बर OD34B7399 नोट कर लिया गया। वो फिर लौटे और धमका कर बढ़ गये। पुलिस को शिकायत देने के बावजूद अंतिम समय तक कोई कार्यवाही न होना भी, एक बड़ा सवाल है। जहां अपील है कि सख्त कार्यवाही की हो, और गाड़ी नं. देने के बावजूद दोषी न पकड़े जायें, तो कहीं न कहीं अपने ऊपर ही सवाल उठ जाता है।

एक पखवाड़े पूर्व मुनि श्री विशल्य सागरजी के साथ भी ऐसी ही घटना हुई थी। तब पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था के लिये पत्र नहीं दिया था, पर इस बार तो पत्र भी दिया, ऊपर से स्वीकृति भी दिला दी, फिर भी कुछ नहीं।
इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के ऐपिसोड नं. 3571 पर देख सकते हैं।
चैनल महालक्ष्मी चिंतन : अपनी अनमोल सम्पत्ति दिगंबर संतों के प्रति असुरक्षित विहार की समस्या जस की तस है और समाज में जागरूकता के बावजूद कभी ऐसी दुर्घटनायें भी हो रही हैं। प्रशासन को सूचित किये जाने के बाद भी सुरक्षा न मिलना भी, चिंता का विषय है। पहले एक नगर से दूसरे नगर संतों के विहार में समाज सजग था, जो अब किराये के लोगों तक संकुचित हो गया, विशेषकर वो संत, जिनके पीछे भीड़ नहीं रहती और आज ऐसे संतों के विहार ज्यादा असुरक्षित हो जाते हैं और साथ ही जब संत अकेले होते हैं।













