यह स्थान पुडुकोट्टई से 2 km की दूरी पर है। बताते है यह प्रतिमा श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान की है। वर्तमान में जैनेत्तर लोग उनको मुनीश्वर बोलकर उनकी विधी से पूजा-आराधना करते है, अभी मल मास में उनकी विशेष आराधना करते है।
कुंडलपुर बड़े बाबा के शिखर पर चढ़ रील बनाने का पागलपन
6 मार्च 2026 / चैत्र कृष्ण तृतीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
यह तो कई बार देख चुके हैं कि कोई मनचला,...
















