॰ लाल मंदिर, ऋषभ विहार, अशोक विहार मंदिरों में भी की थी चोरी
॰ लोस अध्यक्ष के आगम के समय
10 सितम्बर 2025 / आश्विन कृष्ण तृतीया /चैनल महालक्ष्मीऔर सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन /
चांदनी चौक। ऐतिहासक लाल मंदिर में 25वां चातुर्मास कर रहे मुनि श्री प्रणम्य सागरजी का ठीक सामने लालकिला मैदान के 15 अगस्त पार्क में 28 अगस्त से 09 सितंबर तक चलने वाले ‘अर्हं संस्कार शिविर’ कार्यक्रम में 03 सितंबर को लोस अध्यक्ष ओम बिड़ला जी भी आये। इसलिए पूरी तरह सिक्यूरिटी से पैक क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा भी थी और तभी उसी दिन प्रात: 9.30 से 10 बजे के बीच जब पूजा में नृत्य खत्म हुआ, उसके थोड़ी देर में पता चला कि मंच से झारी चोरी हो गई है, उस बड़ी झारी को श्री सुधीर जैन जी रोज लाते थे, फिर शाम को ले जाते।

क्यों थी 90 लाख की झारी
प्रश्न उठता है कि एक झारी 90 लाख की, जी हां, 760 ग्राम सोने से बनी जिसमें 150 ग्राम हीरा, माणिक और रत्न लगे थे। इसके साथ दो 40-40 ग्राम के सोने के कलश भी, सभी की कुल कीमत एक करोड़ से अधिक थी।

तीन से ज्यादा जगह पहले भी चोरी हुई
सवा साल पहले लाल मंदिरजी में, फिर गत 08 अगस्त को ऋषभ विहार में, उसके अगले सप्ताह अशोक विहार मंदिर जी से भी सोने के कलश चोरी हुए थे। फिर तीनों बार की फुटेज से पता चला कि लालकिले मैदान में भी वही चोर था।

पहले करता था रेकी
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वह चोरी से पहले वहां लोगों से घुल-मिल जाता। ऋषभ विहार में तो लगभग एक माह रोज आता रहा, यहां भी तीन दिन से आकर धोती-दुपट्टे पहन रेकी करता रहा, उसको पता चल गया कि इन महंगे कलशों की कार्यक्रम के दौरान कोई सुरक्षा नहीं होती।
यू-ट्यूब से निकालता कार्यक्रम की जानकारी
वह यू-ट्यूब और सोशल मीडिया से जैन कार्यक्रमों की जानकारी लेता था और लालकिले मैदान पर निशाना उसने उसी जानकारी से लगाया था। वह रोजाना की तरह उस दिन भी हापुड़ से कार्यक्रम स्थल पर कुछ लोगों को कार में लेकर पहुंचा और हर चीज पर बारीक नजर रखी।

पकड़ा ही गया
पुलिस ने 10 टीमें बनाई और पूरी घटना की फुटेज खंगाल ली। रविवार आधी रात बाद छापामारी करते हुए हापुड़ के हसौड़ा और वसुंधरा एन्क्लेव से मुख्य आरोपी बूषण वर्मा और उसके सहयोगी गौरव वर्मा तथा अंकित पाटिल को गिरफ्तार कर दिल्ली लेकर आई। इसके पास से झारी (बिना रत्नों के) 150 ग्राम पिघला हुआ सोना और 10 हजार रुपये नकद बरामद हुए।
यह 2016 में बीएलके अस्पताल में पर्स चोरी करते भी पकड़ा जा चुका है।
हापुड़ मशहूर सोना गलाने के लिए
पुलिस जनाती थी कि देश में सोना गलाने के लिए हापुड़ सर्राफा बाजार मशहूर है। हापुड़ मौहल्ला ब्रह्मनान के सर्राफ गौरव वर्मा और जवाहर गंज मौहल्ले के अंकित पाटिल यही काम करते हैं। चोरी के बाद भूषण सीधे सर्राफा बाजार पहुंचा और रत्न आदि निकाल सोना गलाने को दे दिया।














