1984 के बाद दिल्ली की सड़कों पर इतनी अराजकता पहले कभी नहीं दिखी। इसके लिए दोषी कौन? क्या सड़कों पर घूमता स्वच्छंद किसान या फिर उसके नेता दूसरी तरफ पुलिस बल या उसके आला अधिकारी या फिर मूक प्रशासन ? और इस बवाल पर रोटियां सेकते राजनेता। एक प्रश्न चिन्ह सबके सामने हैं। दोषी सड़क पर घूमने वाले किसान को बनाया जाएगा। पर क्या असली दोषी वही है?
कुंडलपुर बड़े बाबा के शिखर पर चढ़ रील बनाने का पागलपन
6 मार्च 2026 / चैत्र कृष्ण तृतीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
यह तो कई बार देख चुके हैं कि कोई मनचला,...













