1920 में कोहिमा में निर्मित यह जैन मंदिर , दुसरे विश्व युद्ध के दौरान मूर्तियों को यहाँ से कहीं और स्थानांतरित कर दिया गया था, फिर 62 वर्षो के पश्चात् आचार्य श्री दया सागर जी के सानिध्य में 2003 में वापस यहाँ विराजमान किया गया दश॔न कीजिये ।
12 मार्च क्यों है सभी के लिए खास- भारत की पहचान...
चैत्र कृष्ण नवमी : इस कल्याणक को मनाना, कभी भूल ना जाना, तीर्थंकर श्री ऋषभनाथ, भरत चक्रवर्ती, ब्राह्मी की जन्मतिथि
॰ महज याद रखना नहीं,...














