महाराष्ट्र, एम पी, यूपी के बाद अब शालीमार बाग जैन मंदिर पर सरकारी निशाना, फिर यू-टर्न ॰ सत्ता का बुलडोजर चला मंदिर पर

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॰ भाजपा को जैन वोट, बदले में जैनों पर चोट
॰ मुख्यमंत्री के जन्म दिन के दिन उनके निवास से बस 300 मीटर दूर
॰ मंच से ही सत्ताधारियों को चेतावनी : आचार्य श्री अतिवीरजी
॰ भाजपा सांसद से मंच पर चैनल महालक्ष्मी ने पूछा, ‘क्यों’, जवाब मिला – उन्हीं से पूछो
॰ 48 घंटे बाद मुख्यमंत्री ने जैन मंदिर पहुंचकर निर्माण पर दी हरी झंडी

23 जुलाई 2025 / श्रावण कृष्ण चतुर्दशी/चैनल महालक्ष्मीऔर सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन /
शनिवार का शनिचर फिर चढ़ा दिया जैनों पर, इस बार बुलडोजर के रूप में तीर्थंकर श्री नेमिनाथ जी के जिनालय पर, ठीक 17 दिन पहले उनकी मोक्ष स्थली पर पुलिस ने सुरक्षा के नाम पर उन्हें धर्म भक्त की तरह नहीं, आतंकवादी जैसा सलूक किया गया। कैसा आज धर्मनिरपेक्ष देश में हो रहा है, एक तरफ भक्तों के सामने जैन मंदिर पर बुलजोडर चल रहा, उधर यूपी के मुख्यमंत्री कांवड़ ला रहे भक्तों पर पुष्पवर्षा कर रहे थे। दो धर्मों के भक्तों से सलूक में कितना भेदभाव। इसी से होता है सत्ताधारियों का असली चेहरा बेनकाब।

शालीमार बाग जिनालय के महामंत्री राजेश जैन ने चैनल महालक्ष्मी को बताया कि बिना किसी नोटिस के, प्रशासन के बुलडोजर, पुलिस, महिला पुलिस, रेपिड एक्शन फोर्स के साथ पहुंचे और बुलडोजर चला जिनालय का प्रवेश द्वार तोड़ने। कोई एन्क्रोचमेंट नहीं, कोई अनधिकृत निर्माण नहीं। फिर भी जैनों के धर्मस्थल पर बुलडोजर।

शालीमार बाग की महिलाओं में जोश पूरा था। बुलडोजर के आगे लेट गई, यानि बुलडोजर चले, तो उनके ऊपर से, फिर महामंत्री ने कहा कि अब बुलडोजर नहीं चलने देंगे, चाहे गिरफ्तार कर लो, फांसी दे दो। पकड़ लो हमें।’ फिर पुलिस नहीं बढ़ी, खाली हाथ लौटी।

मध्य प्रदेश में भी मुख्यमंत्री के निवास से चंद मीटर दूर इसी तरह दिगम्बर जिनालय तोड़ा गया, उसके घाव आज भी ताजा हैं, विले पारले में सुबह ही बुलडोजरों ने जिनालय तोड़ दिया, मेरठ में भी टेढ़ी आंख की हुई है। गुजरात के पावागढ़ में तीर्थंकर प्रतिमायें तोड़ी गई, वैसे ही अनेकों पर कब्जे हो रहे हैं, बदले जा रहे हैं, पहले भी, आज भी। आज जैनों को सोने का अण्डा देने वाली मुर्गिया समझ रखा है, अण्डे लेते रहो, और हलाल भी करते रहो।

घटना के अगले दिन रविवार 20 जुलाई को मंदिर के आगे सुबह 8 से 10 बजे तक शांति से धरना दिया, संजय जैन विश्व जैन संगठन भी पहुंचे, चैनल महालक्ष्मी भी, वहीं यमुनापार से केवल एक ऋषभ विहार जिनालय से, चंद सैकड़ों के बीच प्रदर्शन हुआ।

महामंत्री का दावा है कि पिछले 6 माह में दो बार चोरी हो गई। थाने में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस कहती है अपनी सुरक्षा तुम भी तो करो, इसलिये दीवार बनाई जा रही थी, प्रशासन के कहने पर हमने स्वयं तोड़ भी दी, पर बुलडोजर प्रवेश द्वार पर। जैन समाज में इतना सामर्थ्य है कि र्इंट गारे की नहीं, सोने की दीवार बना दें। वोट के समय यहीं आकर हाथ जोड़ते हैं और अब आंख टेढ़ी करते हैं, ऐसा नहीं चलेगा। 500- हजार वोटों के अंतर से जीतने वालों को जैन हटाना भी जानते हैं। अब बहुत हो चुका, जैन एकता से ही मिलकर हर हमले को रोकना होगा।

धरने में आवाज उठाने के बाद चैनल महालक्ष्मी रजवाड़ा में पहुंचा, जहां आचार्य श्री अतिवीरजी ने वर्षायोग स्थापना में मुख्यमंत्री जी को पहुंचना था। आचार्य श्री ने मंच से कहा – मुख्यमंत्री से पहले जैन समाज है। मैं मुख्यमंत्री से सीधा शालीमार बाग पर सवाल जरूर करूंगा। पर मुख्यमंत्री नहीं आई।

पर मेयर राजा इकबाल सिंह आये, उन्होंने भाजपा और जैनों के संबंधों के कशीदे पढ़े और जोर देकर कहा कि अब मैं जैनों की एक र्इंट नहीं गिरने दूंगा और र्इंट लगेगी जरूर। पर उनको बीच में रोकते हुए आचार्य श्री अतिवीरजी ने कहा कि कांग्रेस के शासन मे ऐसा नहीं होता था। प्रधानमंत्री जी जब मुख्यमंत्री थे, तब गिरनार में, फिर पालीताना में, फिर शिखरजी में और अब भाजपा के शासन में दिल्ली में। जब भी जैनों को नुकसान पहुंचा, तो भाजपा की सरकार में पहुंचा।

फिर चैनल महालक्ष्मी तालकटोरा में मुनि श्री प्रणम्य सागरजी के वर्षायोग स्थापना में पहुंचा। दिमाग में एक ही सवाल, क्यों शालीमार बाग में ऐसा किया। वहां सांसद बांसुरी स्वराज पहुंची। उन्हीं से सवाल किया, शालीमार बाग में ऐसा क्यों, आज जैन समाज यह पूछना चाहता है दीदी। उन्होंने स्पष्ट कहा, मुझसे क्यों पूछते हो, उन्हीं का इलाका है, उन्हीं से पूछो। स्पष्ट लगा कि इस का दर्द उनके अंदर भी है, पर कुछ बोल नहीं सकती।

48 घंटे बाद मुख्यमंत्री पहुंची जैन मंदिर और लिया यू-टर्न, निर्माण होगा
शनिवार को पुहंच गये सरकारी बुलडोजर मंदिर के सामने पूरे दल-बल के साथ, फिर दो दिन जैन समाज का कड़ा विरोध और गिरफ्तारी को तैयार। रविवार को धरने के बाद कमेटी सोमवार सुबह मुख्यमंत्री से उनके कार्यालय में मिली, फिर रेखा गुप्ता जी ने देर शाम मन्दिर आने का वायदा किया। तीर्थंकर श्री नेमिनाथ जिनालय में आकर उन्होंने कहा कि प्रशासन ने बुलडोजर लाकर गलती की है और आप जो आगे निर्माण कर रहे थे, उस बारे में मुझे तो बताते। अब किसी की गल्ती नहीं निकालनी। और मंदिर जी का निर्णय नेमिनाथ भगवान की झोली में डालते हुए जैन समाज को निर्माण कार्य करने की अनुमति दे दी। कल तक जो उनके हाय-हाय के नारे लग रहे थे, अब वो जिन्दाबाद में बदल गये।

सान्ध्य महालक्ष्मी चिंतन : जिस तरह जैनों को निशाना बनाया जा रहा है, वह केवल हमें कमजोर समझकर। साथ ही जैनों को अपना पक्का वोट समझकर, अब इसमें बदलाव भी जरूरी है, अन्याय का साथ देना बंद करना होगा। अनधिकृत व विकास के नाम पर जिनालय टूटने लगे, इससे बुरा नहीं हो सकता। इसलिए अपने डाक्यूमेंट्स पूरे रखना तथा डिजीटल रिकार्ड रखना भी जरूरी हो गया है। अपने मंचों पर राजनीतिज्ञों को माला नहीं, सवाल पूछिये।
हमारी संस्कृति की सुरक्षा के लिये क्या कर रहे हैं, उस पर पूछिए। अगर आपने मुख्यमंत्री के शब्दों को ध्यान से सुना होगा, तो उन्होंने जैनों पर अतिक्रमण का आरोप लगाया। जबकि यह अतिक्रमण नहीं, तोड़फोड़ की घटना थी, जिसका उन्हें भी विरोध करना चाहिये था। अपने राजनीतिक शब्दों से एक झटके में हाय-हाय को जिंदाबाद के नारों में बदल दिया।