23 फरवरी 2026 / फाल्गुन शुक्ल सप्तमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
09-10 फरवरी की रात में लगभग डेढ़ बजे अशोक नगर के चंदेरी के कडराना में इंदौर नारकोटिक्स विभाग की 15 सदस्यीय टीम पूरे सन्नाटे को चीरते पहुंची, घेराबंदी कर दबिश दी और दो को गिरफ्तार कर ले चली। चंदेरी हाटा का पुरा के 31 वर्षीय प्रियांशु जैन और उसके साथी 38 साल के राघवेन्द्र परमार। परमार के घर में ही लैब बना रखी थी केमिकल से ड्रग बनाने की।

यह वही प्रियांशु जैन था, जिसका गेंहू और आटे का बड़ा व्यापार था और कई राज्यों में फैला था। दो बड़ी पार्टियों ने पैसा हड़प लिया और तब आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उस घाटे से उबरने का उसे कोई उपाय नहीं सूझा और उसने यू-ट्यूब से सीखा ड्रग कैसे बनाई जा सकती है। जब कोई सही साथ नहीं मिलता, तब ऊपर चढ़ता भी तेजी से नीचे गिरता है। बस घाटा पूरा करने और तेजी से पैसा कमाने के चक्कर में उसने ड्रग बनाना शुरू कर दिया।

नारकोटिक्स टीम ने तब दबिश में प्रियांशु लैब से एक किलो से ज्यादा एमडी, ड्रग बनाने के उपकरण, एक कार और एक अवैध पिस्टल बरामद की। उस कार पर भाजपा चंदेरी युवा उपाध्यक्ष लिखा हुआ था, वैसे भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक तिवारी ने स्पष्ट कर दिया कि प्रियांशु जैन नाम का कोई व्यक्ति भाजपा से नहीं जुड़ा।

प्रियांशु को इस गलत धंधे में अभी डेढ़ माह ही हुआ था। राघवेन्द्र परमार के घर में बनी लैब का भण्डाफोड़ तब हो गया, जब इन्दौर में पकड़े गये एक नशेड़ी ने बताया कि चंदेरी से ड्रग सप्लाई हो रही है। बस 10 फरवरी को पकड़ा गया, अब तो पूरा परिवार तबाह हो गया।
इसकी पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3628 में देख सकते हैं।

चैनल महालक्ष्मी चिंतन – यह एक जीवंत उदाहरण है एक अच्छे कारोबारी का हिम्मत हार कर, दलदल में जा फंसना। जब हताशा सिर के ऊपर पहुंच जाये, हाथ अंधेरे में मार रहे हो, समझाने व हाथ पकड़ कर सहारा देने वाला कोई न हो, तब कई बार इंसान इतना टूट जाता है कि उसके भीतर सही गलत की समझ ही नहीं रहती। आज वह स्वयं ही नहीं, पूरा परिवार तबाह हो गया, एक गलत कदम उसे वहां ले गया है, जहां सुबह की किरण कब आयेगी, यह भी पता नहीं।
















