12 अगस्त 2025 / भाद्रपद कृष्ण तृतीया /चैनल महालक्ष्मीऔर सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन /
15वें तीर्थंकर श्री श्रेयांसनाथ जी के मोक्ष कल्याणक और रक्षा सूत्र के पावन दिन, दिल्ली के निकट तरुण सागरम् तीर्थ पर एक गुफा मंदिर का शिलान्यास आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी के सान्निध्य में हुआ। वैसे आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी सदा प्राचीन तीर्थों के जीर्णोद्धार पर जोर देते हैं और नये जिनालयों के निर्माण-पंचकल्याणकों से दूर रहते हैं। फिर इस तीर्थ पर गुफा मंदिर के निर्माण का कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि पांच वर्ष पहले इस तीर्थ पर दो पारस प्रभु की प्रतिमायें आर्इं थीं, एक की तब प्रतिष्ठा हो गई थी, दूसरी अभी तक जस की तस बाक्स में रखी है। प्रतिमा का अविनय यह स्वीकार्य नहीं। बस इसीलिये कमेटी को तुरन्त मंदिर निर्माण का अनुरोध किया।

क्या मतलब गुरुजी, अचानक मुख से निकल गया।
हां तुरंत, मतलब अभी नींव खोदना शुरू करो और 100 दिन में प्रतिष्ठा के साथ गुफा मंदिर तैयार।
प्रतिष्ठा भी?

हां, प्रतिष्ठा भी ऐसी, बिना पंडाल आदि के झंझट के, और बजट इतना सस्ता (कम) जिसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। आज शोबाजी नहीं, धार्मिकता व पवित्रता का समय है। अनूठा गुफा मंदिर होगा।
सान्ध्य महालक्ष्मी ने देखा कि तीन दिन में यहां पूरी खुदाई हो चुकी है, जो आप यहां चित्र में देख रहे हैं। और इतना जरूर कहेंगे, जब आचार्य श्री विराजमान हो, तो उस गुफा मंदिर के अद्वितीयता व समय का पूरा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
(06 अगस्त को गुरुवर के मुख से
सान्ध्य महालक्ष्मी-चैनल महालक्ष्मी को बेबाक जवाब)
















