कुंडलपुर बड़े बाबा के शिखर पर चढ़ रील बनाने का पागलपन

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6 मार्च 2026 / चैत्र कृष्ण तृतीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
यह तो कई बार देख चुके हैं कि कोई मनचला, जुनूनी, कहीं टावर पर चढ़ गया और अपनी मांग पूरी करवाने की जिद करने लगा, पर अब तो हद हो गई, किसी तीर्थ पर अपनी जान पर खेलना, ऐसा पागलपन देखने को मिला कुंडलपुर के बड़े बाबा के जिनालय पर।

वैसे तो यहां पर कमेटी ने किसी भी प्रकार के फोटो / रील बनाने का निषेध करने की सूचना जारी की हुई है, फिर भी गत सप्ताह ऐेसे ही एक मनचला शिखर पर बाहर से चढ़ गया और वही से अपनी रील बनाते हुये अपनी करतूत को उजागर करने लगा। जरा-सा भी पैर फिसल जाये, तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो जाये और सवाल वही उठेगा कि यहां की कमेटी करती क्या है? सुरक्षा की व्यवस्था क्यों नहीं है?
इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3640 में देख सकते हैं।

चैनल महालक्ष्मी चिंतन : यह पहली शर्मसार घटना थी, जब किसी तीर्थ के शिखर तक पहुंचने के लिये उसकी बाहरी दीवार का इस्तेमाल किया और वो भी रील बनाने के लिये। ऐसे मामलों पर कमेटी को कार्यवाही करनी चाहिये, वहीं तीर्थयात्रियों को भी जागरूक रहना होगा। जरा-सी चूक हुई और जीवन पर बात आ जाएगी। आज युवाओं में रील के चक्कर में पागलपन सड़कों सहित जगह-जगह जानलेवा होते प्राय: देखे जाते रहे हैं।