01 दिसंबर 2025 / मंगसिर शुक्ल एकादशी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
चैनल महालक्ष्मी द्वारा पिछले 40 दिनों में 10 बार संतों के विहार में सुरक्षा के बारे में आगाह किया, पर जैन समाज उसके प्रति जागरूक नहीं दिख रहा और यही कारण है कि अंतराल में विहार दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा।
अभी हाल में अभीक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज की शिष्या गणिनी आर्यिका श्री सौम्यनंदिनी जी माताजी के साथ हथनी से दमोह कुंडलपुर की ओर विहार करते एक बहुत भयावह दुर्घटना हुई। चैनल महालक्ष्मी ने उस विहार में साथ चलते भैयाजी से बात की। उनके अनुसार उस समय पीछे से तेज गति से आ रहे ट्रक ने जबलपुर के बंद टोल नाके के पास ऐसी भीषण टक्कर मारी, उस दृश्य को देखकर उसकी भयावता की कल्पना नहीं कर सकते। पर शायद प्रभु व गुरु के चमत्कार से वो भयावह दुर्घटना काफी हद तक कम हो गई, फिर भी माताजी के दाये कंधे में फ्रेक्चर हो गया, सिर व पैर पर भी चोंटें आई हैं। तेज रफ्तार से चला रहे ट्रक ड्राइवर को पकड़ा, वह नशे में था। उसने व उसके मालिक ने माताजी से क्षमा मांगी। ड्राइवर ने भविष्य से नशा न करने का संकल्प लिया, साथ ही संतों व पैदल यात्रियों को देखते हुए, वहां धीमी गति से वाहन चलाने की बात कही। माताजी ने उसे क्षमा कर दिया।
माताजी अभी हथनी में विराजमान हैं और चर्यानुकूल इलाज चल रहा है। माताजी को अभी काफी पीड़ा महसूस हो रही है। उनके दाये हाथ से काम नहीं हो पा रहा है।
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इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के ऐपिसोड नं. 3549 में देख सकते हैं।
चैनल महालक्ष्मी चिंतन : इस पूरे प्रकरण से मालूम चला कि विहार वाहन वाली दिशा में ही यानि बायीं तरफ हो रहा था। विहार हमेशा वाहन की विपरीत दशा में होना चाहिए, जिससे सामने से आते वाहन को देखा जा सके। दूसरी महत्वपूर्ण बात जब भी विहार हो, उसकी पूर्व सूचना पुलिस को जरूर दें, पर इसका भी ध्यान नहीं दिया जाता यानि सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा का हम उपयोग नहीं कर रहे। यही कारण है कि आज हम अमूल्य चल तीर्थ सम्पदा के प्रति क्षति का कारण बन रहे हैं।
















