जैन धर्म, महावीर स्वामी, आचार्य श्री आर्यिकाओं के प्रति अश्लील, बलात्कारी अपशब्द बोलने वाला अब सलाखों के पीछे

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17 दिसंबर 2025 / पौष कृष्ण त्रयोदशी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
दो दिसम्बर को मोबाइल पर विद्यासागरजी महाराज, जैन साध्वी को गंदी-गंदी गाली-गालैज, अश्लील शब्दों का प्रयोग करते धमकी दी, उसने पहले भी दो बार काल किया, पर मंदिर में होने के कारण नहीं उठाया, फिर आने के बाद उसे कॉल किया, मेरा परिचय देते हुए उसने बिना किसी भूमिका के गालियां, अपशब्द शुरू कर दिये। यह दर्ज है 03 दिसम्बर को जसपुर के कुनकुरी थाने में शाम 4.22 पर प्राथमिकी नं. 237 में, जो बीएनएस की धारा 296, 351(3) के अंतर्गत दर्ज हुई।

क्या लिखा उस रिपोर्ट में वह शब्द आप पढ़ेंगे तो आपके रगो में दौड़ रहे खून के दौरे को बड़ा देगा। अखबार की गरिमा, संतों के विनय के चलते उन अपशब्दों को हम यहां प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं, बस इतना कहेंगे कि ऐसे अपशब्द-गाली गलौज जो आप सोच भी नहीं सकते। उस शख्स से जब कहा गया कि आप मुझे, विद्यासागर महाराज और जैन साध्वी के बारे मे क्या जानते हो, मेरे व उनके ऊपर अश्लील भाषा का प्रयोग क्यों कर रहे हो, तब वह बोला मैं महेश्वरी हूं, तुम जैनी लोग महेश्वरियों की … चाटते हो, तुम लोग को काट देना चाहिए, धमकी दी और पुन: मुझे, विद्यासागर महाराज और जैन साध्वी को गंदी-गंदी गाली देते हुए अश्लील शब्दों का प्रयोग किया। (यहां जिन्हें फोन कॉल प्राप्त हुआ, उसके लिये मुझे प्रयोग किया गया है)।

चैनल महालक्ष्मी उन गंदे शब्दों को आपके समक्ष नहीं रख पा रहा है, उस शख्स से इतनी घिनौनी बातें कहीं, जिन पर त्वरित उचित कार्यवाही आवश्यक है। ये शिकायत दर्ज कराई महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कुनकरी के गजेन्द्र जैन जी ने। जानकरी हम तक पहुंची। पर उन्होंने कहा कि आप अभी चैनल महालक्ष्मी पर जानकारी न दें, क्योंकि पुलिस अधीक्षक शशि मोइन जी आज रात को जाकर सुबह उसे पकड़ लेंगे।

चैनल महालक्ष्मी ने उसे सुधारने की भावना से सम्पर्क कर समझाने की कोशिश की, पर उसने तो गंदी गालियों की बौछार कर दी। बलात्करी भी कहा। वो बोला – 15 सालों से मैं यही बोलता हूं, महावीर स्वामी, जैन धर्म पर वो गंदे शब्द बोले, जो सभी मर्यादाओं को तोड़ रहे थे। उस रिकार्डिंग के साथ आनंद विहार थाने में प्राथमिकी के लिये दर्ज कराया। उसका दावा था, कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता, मैं हर को यही बोलता हूं।

06 तारीख की तड़के छत्तीसगढ़ के पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन पर उसे विदिशा मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया। जेल की सलाखों में पहुंचते उसकी सारी हवा निकल गई। अब तो नाक रगड़ने लगा। आचार्य श्री का, जैनों का गुणगान करने लगा। जुबान उलट गई, पलट गई। समाचार लिखे जाने तक सलाखों के पीछे वह बंद था।

पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3560 में देख सकते हैं।

चैनल महालक्ष्मी चिंतन : समाज के युवा वर्ग को ऐसे लोगों के प्रति सजग रहना होगा। डिजीटल-सोशल मीडिया में अपडेट रहने वालों को किसी के द्वारा जैन धर्म, जैन संस्कृति, हमारे पूजनीय संतों, अचल तीर्थों, जैनों के उत्पीड़न आदि पर कोई भी जानकारी मिलती है, तो उसका हर संभव तरह से जवाब व कड़ी कार्यवाही के लिये तैयार रहना होगा। जब-जब हम ढीले पड़ जाते हैं, गीदड़ भी शेर की खाल पहनकर धमकाने की कोशिश करते है। अहिंसा का मतलब सहना या चुप रहना नहीं, प्रतिकार करना जरूरी है।