जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू : जैन क्यों फिसड्डी ॰ व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी पर जैन छोड़ रहे गुलगुले-बुलबुले

0
705

॰ एक भी जैन ना छूटे, जनगणना शामिल का संकल्प न छूटे
॰ जैन जागो, जैन जगाओ, जनगणना में अपना नाम लिखाओ
॰ अभी हो रही घरों की गिनती, धर्म, जाति, भाषा अगले वर्ष
॰ कितने घर, यह गिनती रसोई पर निर्भर
07 अप्रैल 2026 /बैसाख कृष्ण पंचमी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन EXCLUSIVE –
जनगणना 2011 की जैनों की सरकारी गिनती 44,51,753 को जैन समाज बार-बार गलत, झूठ, विवादित बताता रहा है, अब उसको अपनी गिनती प्रमाणित करने का वक्त है। स्वगणना का 8 राज्यों में अभियान शुरू हुये आधा वक्त खत्म हो गया है, जिनमें दिल्ली भी शामिल है, पर अब तक जैन इसके प्रति उत्साहहीन, गैर जिम्मेदार, फिसड्डी बने हुए हैं। आज सान्ध्य महालक्ष्मी की यह रिपोर्ट सभी जैनों के लिये है, कि अपनी ताकत की सही गिनती को यहां शामिल करायें, पहले कुछ सच और मिथक पर चर्चा करते हैं-

मिथक (झूठ) –
1. पहले फेस में आपकी धर्म पूछा जा रहा है (गलत)
2. इस फेज में आपको जाति भरनी है (गलत)
3. इस फेज में आपको भाषा भरनी है (गलत)
4. यह गिनती सरकारी कर्मचारी ही करेंगे (गलत, स्वयं भी कर सकते हैं)
5. इसके लिये कोई फार्म भरना है (गलत, आॅनलाइन है)
6. गिनती अभी शुरू ही नहीं हुई (गलत, राज्य दर राज्य शुरू हो चुकी है)

अब पहले फेज के पूरे सच आपके बीच प्रस्तुत कर रहा है सान्ध्य महालक्ष्मी:-
कब कहां शुरू हो रही स्व गणना :-
1-15 अप्रैल : दिल्ली, (एमसीडी क्षेत्र में 1-15 मई भी) कर्नाटक, गोवा, ओडिशा, लक्षद्वीप, सिक्किम, मिजोरम, अण्डमान-निकोबार)
10-24 अप्रैल : उत्तराखण्ड
16-30 अप्रैल : मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश
17 अप्रैल-01 मई : बिहार
26 अप्रैल-10 मई : तेलांगना
30 अप्रैल-14 मई : पंजाब
01-15 मई : झारखंड, महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान
07-21 मई : उत्तर प्रदेश
17-31 मई : पुंड्डुचेरी, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर
01-15 जून : हिमाचल प्रदेश
16-30 जून : केरलम्, नागालैण्ड
17-31 जुलाई : तमिलनाडु, त्रिपुरा
02-16 अगस्त : असम
17-31 अगस्त : मणिपुर
घोषणा नहीं : पश्चिम बंगाल, गुजरात, दादरा नगर हवेली, दमन-दीव

स्वगणना क्यों?
पोर्टल en.census.gov.in पर आप अपने क्षेत्र की तिथि में स्वयं अपने घर की गणना भर सकते हैं, यह स्वगणना पोर्टल जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा बनाया गया आफिश्यिल आॅनलाइन मंच है, जिसमें आप लोगों को अपने घरों की विस्तृत जानकारी भरने की अनुमति देता है। वैसे जनगणना के प्रश्नों का सही उत्तर देना जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 8 के अनुसार अनिवार्य है। धारा 11 (1) ब के अंतर्गत, उत्तर देने से इंकार करने पर 1000 रु. तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

हां, इस स्व जनगणना में बेघर और संस्थागत स्वगणना नहीं कर सकते। किरायेदार कर सकते हैं।

आॅनलाइन फार्म भरने के निर्देश और तरीका –
वैसै चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3677 में आपको पूरा ‘लाइव’ करते दिखाया गया है, आइये पूरा समझते हैं:-
॰ वैसे आप मोबाइल से भी पोर्टल खोलकर भर सकते हैं, पर नक्शे आदि के लिए आप डेस्कटॉप या लेपटॉप ज्यादा सुविधाजनक रहेगा और आपको 6 से 8 मिनट लग सकते हैं।
॰ सभी को अपना जिला मालूम है पर दिल्ली वालों को कन्फ्यूजन हो सकता है, वो गूगल में अपना क्षेत्र डालकर अपनी डिस्ट्रिक्ट पता कर सकते हैं।
॰ यह स्वगणना की सुविधा घर-घर जाकर होने वाली गिनती से ठीक पहले उपलब्ध होती है।
॰ अब शुरू करते हैं, पोर्टल se.census.gov.in पर लॉग इन करें, एक विण्डो खुलेगी, दायी तरफ चार खास है पहला स्वगणना की अवधि यानि आपके राज्य में कब है, जिसका विवरण हमने ऊपर दे दिया है। दूसरा यूजर गाइड – इसमें एक पीडीएफ खुलेगी, जो आपके लिये सरल भाषा में मार्गदर्शिका आपको पूरा विवरण बता रही है, इससे सहायता लेकर अनजान भी अपनी जानकारी भर सकता है, यह हिंदी व अंग्रेजी में है।

तीसरी फ्लोचार्ट की पीडीएफ है, जिसमें चार अनुभाग में समझाया है और चौथा है एफएक्यू – फ्रीक्वेंटली आस्कड क्वशचंस – इसमें आपकी हर संभावित जिज्ञासा का हल बताया है।
॰ अब बेसिक समझने के बाद पंजीकरण शुरू करें, एक परिवार एक पंजीकरण, साथ ही एक ही मोबाइल नंबर, उसी पर आटीपी और आईडी आएगा।
॰ राज्य के साथ केप्चा भरने के बाद प्रोसीड करेंगे, तो आपके फोन पर एक ओटीपी मिलेगा और उसे भरकर आगे की विंडो खुलती जाएगी।
॰ आप की अगर ई-मेल भी है तो वह भी भर दें, यह जरूरी नहीं है।
॰ यह 16 भाषा में है, आप अपनी पसंदीदा भाषा चुन लें।
॰ थोड़ी मेहनत वाला कार्य है आपके मकान की लोकेशन – उसमें एक लाल मार्कर होगा, उस तक आपको अपने मकान की लोकेशन लानी है – इसको जूम करते जायें, अपने आसपास के प्रमुख क्षेत्रों को पहचान कर आप सही जगह पुहंच जायेंगे, बस उस मकान को लाल डोट के नीचे लाना होगा। इसमें आपको एक-दो मिनट लग सकते हैं, घबरायें नहीं, आसानी से हो जाएगा। यह रेड मार्कर आपके घर की सटीक जियोटैगिंग सुनिश्चित करेगा।

॰ परिवार की गिनती रसोई अनुसार है। अगर चार परिवार की एक रसोई है तो एक परिवार माना जाएगा।
॰ अब आप के परिवार में कितने सदस्य हैं, कितने कमरे हैं? (इसमें बरांडा, किचन, बाथरूम नहीं जुड़ेगा) फर्श किसका बना है, दीवारें-छत किसकी बनी हैं।
॰ कितने वैवाहिक जोड़े हैं, पीने के पानी का स्त्रोत क्या है, शौचालय कैसा है, नहाने की सुविधा है या नहीं।
॰ एक महत्वपूर्ण सवाल – आपसे एसटी, एससी या अन्य पूछा जाएगा। इसमें ओबीसी नहीं है, इसलिये कासर (एसटी) और सराक व आप सभी अन्य ही टिक करेंगे। (जो एसटी जाति है, वो एसटी टिक करेंगे)।
॰ इसके बाद, आपके परिवार में रेडियो, ट्रांजिस्टर, टीवी, इंटरनेट, कम्प्यूटर, टैलीफोन, मोबाइल, साइकिल, स्कूटर, कार आदि के बारे में प्रश्न होंगे।
॰ आप कौन सा प्रमुख अनाज खाते हैं जैसे गेहूं, चावल आदि, उसका उल्लेख करना होगा।
कहीं आपको कोई गलती मिले, तो बैक जाकर सुधार कर लें। इस तरह फार्म पूरा करने के बाद सबमिट करें। आपको एसएमएस और ई-मेल पर 11 अंकों का आईडी (एस ई आई डी) प्राप्त होगा और इसे संभाल कर रखें।

॰ जब जनगणना कर्मचारी आयें, तो आपको बस अपना यह आईडी दिखाना होगा। अगर आपकी लोकेशन सही नहीं होगी, वह मैच नहीं करेगा और आपका फार्म दोबारा भरा जाएगा।

है ना बहुत आसान –
देखा आपने कितना आसान है भरना। जनगणना अधिकारी, आपसे कई बार पूरी जानकारी न पूछकर स्वयं भरना शुरू कर देता है। इसलिये स्वगणना जरूरी है। ‘बस अभी भरें, कोई जैन घर छूटे ना’।
नोट: अगर आप को स्वगणना में कोई बात पूछनी हो तो 9910690823 पर व्हाट्सअप कर सकते हैं। सान्ध्य महालक्ष्मी – चैनल महालक्ष्मी आपके सहयोग के लिये तैयार रहेगा।