शिरपुर अंतरिक्ष पार्श्वनाथ -अब पानी नाक के ऊपर- प्राणघातक हमले – पूरे मंदिर पर नियंत्रण की कोशिशें

0
1315

॰ दिगम्बर पुजारियों पर दस दिन में चार हमले
॰ 15 की दिगंबर वेदी पर श्वेताम्बर प्रतिमा रखने की जबरन कोशिश
॰ 18 को पुजारी ब्र. महेश भैय्या की पसलियां तोड़ी, सिर फोड़ा
॰ 21 को पुजारी कम मैनेजर विजय से मारपीट
॰ 26 को फिर मंदिर गेट पर मैनेजर को उठाकर फेंका
॰ 28 को विरोध में प्रदर्शन, ज्ञापन
02 जनवरी 2026 / पौष शुक्ल चतुर्दशी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन

चार-पांच माह की शांति के बाद एक बार फिर 43 साल बाद खुले अंतरिक्ष पार्श्वनाथ शिरपुर तीर्थपर अब फिर जो हो रहा है, वह इतिहास में काले पन्नों के रूप में दर्ज होगा। जहां मंचों पर दोनों सम्प्रदाय के संत बैठकर एकता की कोशिशें करते हैं, वहीं शिरपुर में एक सम्प्रदाय, दूसरे के तीर्थ पर कब्जे के लिये हर हथकंडा अपना रहे हैं और यही कारण है कि पिछले 10 दिनों में चार तरह के हमलों के बाद रविवार एक बार फिर सड़क पर आना पड़ा और थाने पर ज्ञापन सौंपा। 15 दिसम्बर से 28 दिसम्बर तक कुछ इस तरह घटित हुआ :-

15 दिसंबर : दिगंबर पारस वेदी पर श्वेताम्बर प्रतिमा जमाने की कोशिश
यह सब जानते हैं शिरपुर का अंतरिक्ष पार्श्वनाथ एक प्राचीन दिगंबर जैन तीर्थ है, जिसके प्रमाण तलघर से ऊपर छत तक, आज भी स्पष्ट दिखते हैं। यहां की 16 में से 15 वेदी पर आज भी लिखा है दिगंबर क्रमांक वेदी। केवल एक अंतरिक्ष पार्श्वनाथ वेदी पर 120 सालों से बराबर टाइम बंटे हुए हैं, पर अब सब पर समय बांधने के कथित प्रयास किये जा रहे हैं दूसरे सम्प्रदाय द्वारा। और इस नियंत्रण के लिए कैमरे लगाकर श्वेताम्बर सम्प्रदाय अनर्गल प्रचार भी कर रहा है। यही नहीं ब्र. तात्या भैय्याजी ने चैनल महालक्ष्मी को बताया कि तलघर में क्षेत्रपाल वेदी के पास पारसनाथ तीर्थंकर की प्राचीन खड्गासन प्रतिमा है। 15 दिसम्बर को दोपहर को श्वेतांबरी लोग एक श्वेताम्बर मूर्ति को कपड़े से ढककर लाए और उसे मूर्ति के सामने रख दिया। दिगंबर वेदी पर श्वेताम्बर मूर्ति रखकर कब्जा करने का सीधा मकसद दिख रहा है। बिना किसी वजह के दिगंबर वेदी पर मूर्तियां लाना एकदम गलत है। श्वेताम्बरों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए, इस बात की संभावना है कि वे आने वाले समय में कोई नया बड़ा कांड करेंगे।

16 दिसम्बर : पुजारी का सिर फोड़ा, पसलियां तोड़ी
25 दिसम्बर को ब्र. महेश शिखरचंद जैन पुजारी से चैनल महालक्ष्मी से बात हो पाई। एक सप्ताह पूर्व की घटना के लिए, क्योंकि उसी दिन वे अस्पताल से आये थे और पुलिस ने वही तीर्थ पर उनका बयान नोट किया। उन्होंने चैनल महालक्ष्मी को जानकारी देते हुए सीधे परमहंस म.सा. का नाम लेते हुए, शराब के नशे में डूबे बाऊंसरों व अराजकतत्वों ने उनके कहने पर मारने-पीटने का आरोप लगाया। कारण था कि वो दिगंबरी क्षेत्रपाल वेदी पर कैमरे लगा रहे थे और महेश भैय्याजी ने यह कहा कि हमारे प्रबंधक आ जाने दीजिए, तब कर लेना। तब बाऊंसरों ने, कुछ शराब भी पिये हुये थे, गर्भगृह में उनको डंडों से पीटा। उनका सिर फूट गया, 6 टांके आये, दो पसलियां टूट गई। घायल महेश जी को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और 25 दिसंबर को वापस आये।

21 दिसंबर :- पुजारी व प्रबंधक विजय जी से हाथापाई
फिर एक बार 21 दिसंबर को कैमरे लगाने का विरोध करने पर विजय भैय्याजी से हाथापाई की गई। इन सबकी फुटेज भी प्रमाण के रूप में दिगंबर समाज को नहीं दी गई।

26 दिसंबर :- मंदिर गेट पर दिगंबर मैनेजर को उठाकर फेंका
चैनल महालक्ष्मी को प्राप्त फुटेज और वीडियो से स्पष्ट दिख रहा है कि 26 दिसम्बर को सायं 4 बजकर 2 मिनट पर अचानक कुछ श्वेताम्बर भाई आये और मैनेजर विजयजी को पकड़ लिया, धक्का-मुक्की की। एक महिला बचाव के लिए आई, उसे भी धक्के लगे और फिर बाद में विजय जी को उठाकर बाहर लाकर पटक दिया, जिससे उन्हें चोट भी आर्इं और फ्रेक्चर हुआ।

28 दिसंबर :- दादागिरी नहीं चलेगी, प्रदर्शन और ज्ञापन

26 को देर शाम इस तरह बराबर हमलों को देखते फैसला किया गया कि सुप्त पड़े प्रशासन व पुलिस को जगाने व विरोध व्यक्त करने के लिये रैली निकालकर ज्ञापन दिया जाएगा। 400-500 लोग एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लिये, दादागिरी नहीं चलेगी के साथ विरोध रैली निकाली व फिर सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपा।

दिगंबरों का कैमरा कनेक्शन काटा, फुटेज का दुरुपयोग मारपीट कर डराने हथियाने की कोशिशें : ऐलक सिद्धांत सागरजी
इस पूरे प्रकरण पर चैनल महालक्ष्मी ने वहीं पर विराजमान ऐलक श्री सिद्धांत सागरजी से चर्चा की। उन्होंने बताया कि 17 जून को प्रशासन व पुलिस की उपस्थिति में दोनों पक्षों की मीटिंग हुई। अगस्त अंत में श्वेतांबर आयोजकों ने कैमरे के दिगंबर फुटेज के तार काट दिये और फिर उनको मिल रही फुटेज का कई बार दिगंबरों के झूठे चित्र दिखाये। एक पर पंकज भैय्याजी ने छत्र सफाई के लिये उतार लगाये, तो एक फोटो उतारते हुए लेकर प्रचारित किया कि छत्र की चोरी हो रही है। मूर्ति के लिये सफाई में कभी कपड़ा फंस जाता है, तो लोहे की आरी से उसे निकालना पड़ जाता है। उस फोटो के साथ दर्शाया गया कि देखो मूर्ति को खंडित किया जा रहा है। एक दिगंबर पारस वेदी पर श्वेताम्बर प्रतिमा रखने की कोशिश की। श्वेताम्बर सम्प्रदाय ने फिर वहां से पुजारी हटाते दिगंबर पुजारी की फोटो जारी करते लिखा – देखो कौन है यह। जबकि उन्होंने प्रतिमा रखने को साफ बचा लिया। वो बार-बार मारपीट से दबाव डालकर हथियाने-कब्जाने की कोशिशें कर रहे हैं। यही नहीं अदालत ने अंतरिक्ष पार्श्वनाथ का प्रबंधन देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी है, पर वे सभी शेष 15 वेदियों पर नियंत्रण लेकर, दर्शन समय को भी बांटने, स्वरूप बदलने की कोशिशों में लगे हुए हैं। इसका पूरे देश से विरोध करना होगा। सच्चाई सबके सामने लानी होगी।

इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपिसोड नं. 3583, 3580, 3573 में देख सकते हैं।

चैनल महालक्ष्मी चिंतन :- 43 वर्ष से सरकारी ताले में बंद अंतरिक्ष पार्श्वनाथ प्रतिमा को आचार्य श्री विद्या सागरजी ने खुलवा दिया पर तब यह नहीं सोचा था कि इस कदम का स्वागत श्वेताम्बर भाई तहे दिल से करने के साथ, उस पूरे तीर्थ को हथियाने – कब्जाने की कोशिशें शुरू कर देंगे। शराबी बाऊंसर, भाईयों पर ही हमले के लिये लगा दिये। दुष्प्रचार किया और अब तो फिर अति कर दी ब्र. महेश पुजारी की तो जान लेने की कोशिशें मानो की जा रही है, एक बार नहीं, कई बार उन्हें निशाना बनाया गया। ऐसे कुत्सित षड्यंत्रों को बेनकाब करने के साथ दोषी लोगों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए, जिससे तीर्थों पर ऐसी गंदी हरकतें कोई कभी न कर सके।