भगवान को बेवकूफ मत बनाओ , 7 पुण्य कार्य रोज करो : आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी

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26 नवंबर 2022/ मंगसिर शुक्ल षष्ठी /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
‘आज लोग भगवान को बेवकूफ बना रहे हैं, भक्त बनकर’ – यह सुनते ही नोएडा सेक्टर 50 मंदिर की धर्मसभा में एकाएक सन्नाटा परस गया, जब जैसे ही आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी ने यह कहा और तभी सान्ध्य महालक्ष्मी टीम वहां पहुंची।

आचार्य श्री ने कहा कि तुम्हारे लोटे में छेद है, तभी कर्मों से भटक रहे हो। सुनसान सड़क पर एक खूबसूरत लड़की जा रही थी, तभी सामने से एक बाइक वाला आ रहा था, सुनसान सड़क, अकेली सुंदर लड़की, फिर क्या था, उसने बाइक से उसके तीन चक्कर लगाए और उसके आगे टेढ़ी बाइक खड़ी कर दी। लड़की ने तब तक उसको देखा नहीं था, क्योंकि वह मोबाइल पर चेटिंग करते बढ़ रही थी। ध्यान रखना मोबाइल बुरा नहीं है, मोबाइल का दुरुपयोग बुरा है।

जब लड़की के आगे बाइक सामने खड़ी हो गई, तब चौंकी, उसको घूर कर देखा, तब लड़के ने चेहरे को रोमांटिक करते हुए कहा कि तुम बहुत खूबसूरत हो, मैं तुम्हें चाहता हूं। लड़की मुस्कराई बोली ठीक है, पर मेरी छोटी बहन मुझसे भी ज्यादा खूबसूरत है, देखो वो पीछे आ रही है। बस लड़के ने पीछे मुड़कर देखा और फिर उस लड़की ने उस लड़के के गाल पर एक तमाचा रसीद कर दिया, तुम झूठे हो, मुझे खूबसूरत कहकर, पीछे देखते हो, जबकि वहां कुछ है ही नहीं।

अब एक क्षण शान्त रहने के बाद आचार्य श्री बोले – वो लड़का कोई नहीं, तुम हो, तुम हो, तुम सब हो। आज भटक रहा है तो सिर्फ जैन धर्म में, तुम जैसे, मंगलवार को हनुमान, शुक्रवार को माता, शनि को शनिदेव मंदिर। आज जैन गोबर पर वर्क लगाकर बैठा है।

दिगंबर संत को देखो, केवल दो जगह सिर झुकाते हैं, प्रभु और गुरु। तुम्हारे तो प्रभु का भी और गुरु का भी ठिकाना नहीं।

पुण्य का फल अरिहंत अवस्था है और अरिहंत का फल सिद्ध अवस्था है। इस पुण्य के अर्जन के लिए ये 7 काम जरूर करें:-
1. हजार काम छोड़कर भगवान के दर्शन-पूजन करो।
2. स्वाध्याय नहीं करते, तो इंटरेस्ट पैदा करो, तब तक मेरी भावना पढ़ो, भावों से पढ़ा, तो मानो सौ शास्त्रों का सार पढ़ लिया।
3. सिद्ध-अतिशय तीर्थों का पुण्य कमाना यानि निर्वाण कांड पढ़िए।
4. रोजाना आलोचना पाठ पढ़े यानि श्रावकों का प्रतिक्रमण।
5. सामायिक पाठ यानि 200 ग्रंथों का सार, अपने को समझने के लिए।
6. समाधिमरण भावना रोज भायें।
7. रोजाना 10 मिनट णमोकार मंत्र, दिव्य मंगल पाठ, ऋद्धिमंत्र, भक्तामर, कल्याण मंदिर स्तोत्र के मंत्र पढ़ें।
रोज एक घंटा खुद और खुदा के लिए जरूर निकालें।