गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य श्रमणाचार्य श्री विमदसागर जी महाराज ससंघ ने श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र नवग्रह जिनालय ग्रेटर बाबा परिसर के दर्शन किये
आचार्य श्री ने आशीर्वचन करते हुए कहा कि जन्म जन्मांतर के पुण्य से ही गुरु के मुख से जब किसी श्रावक का नाम निकलता है
पुलिस वाला तुम्हारा हाथ पकड़े तो वह चोर कहलाओगे
और गुरु तुम्हारा हाथ पकड़े तो भक्त कहलाओगे
अनादि काल से हमारा तुम्हारा सम्बंध चलता आ रहा है बस आमना सामना आज हुआ है
आचार्य श्री ने कहा कि पूर्व की पर्यायो में जीन पर्यायो का विनाश किया है उनका विकाश करू इसलिये में मुनि बना हु
जिनके विषय मे गुरु सोचते है वही जाग पाते है
जब भी गुरु के पास आओगे जब जब तुम्हे आनन्द आयेगा

















