दिल्ली के पड़ोस में बने, गाजियाबाद जिले के,ऋष्बांचल तीर्थ पर 2 अप्रैल ,शुक्रवार ,को 23वें तीर्थंकर श्री पारस प्रभु जी की 31 फुट की प्रतिमा पहुंची, तो लोगों ने गुरु माता श्री कौशल जी के साथ जोर शोर से भक्ति की। लेटी हुई प्रतिमा का चरण अभिषेक भी हुआ। बैंड बाजे के साथ प्रतिमा को लाया गया। अब इसके पंचकल्याणक की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई है।
27 वर्षों में दिगंबर संतों की कैसे घटी-बढ़ी संख्या ॰ गत...
12 अक्टूबर 2026 / अश्विन शुक्ल द्वितीया /चैनल महालक्ष्मी और सांध्य महालक्ष्मी/ शरद जैन
॰ 27 वर्षों की लगातार वर्ष दर वर्ष गणना केवल सान्ध्य...
















